Google ने भारत में अपने नए AI टूल Gemini Spark को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह सिर्फ एक साधारण चैटबॉट नहीं है बल्कि एक स्मार्ट AI एजेंट है जो यूजर की मदद के लिए कई काम खुद कर सकता है। अगर यूजर उस समय ऑनलाइन उपलब्ध नहीं भी है तो भी यह पहले से दिए गए निर्देशों के आधार पर ईमेल का जवाब तैयार कर सकता है नोट्स का सार बना सकता है और कई अन्य डिजिटल कार्यों को संभाल सकता है।
किस मॉडल पर आधारित है नया फीचर ?
Google ने इस फीचर की पहली झलक अपनी सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O में दिखाई थी। Gemini Spark नए Gemini 3.5 मॉडल पर आधारित है और सीधे Gemini ऐप में काम करेगा।
यह AI यूजर की अनुमति वाले ऐप्स की जानकारी को समझकर उसी अनुसार काम करेगा। Google के मुताबिक, इसका उद्देश्य रोजमर्रा के डिजिटल कामों को आसान बनाना है। हालांकि, यह AI खुद से कोई निर्णय नहीं लेगा बल्कि केवल उन्हीं निर्देशों का पालन करेगा जो यूजर पहले से तय करेगा।
Google Workspace और क्या होगा फायदा ?
शुरुआत में Gemini Spark का इस्तेमाल केवल Google AI Pro और Google AI Ultra सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स कर पाएंगे। इसकी मदद से Gmail, Google Docs, Google Sheets और अन्य Workspace ऐप्स में कई दोहराए जाने वाले काम आसानी से किए जा सकेंगे।
यूजर को किसी अलग सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। वह सिर्फ यह तय करेगा कि AI को किन ऐप्स तक पहुंच देनी है और कौन-कौन से काम सौंपने हैं।
यूजर के पास रहेगा पूरा कंट्रोल
Gemini Spark बैकग्राउंड में काम करने की क्षमता रखेगा और जरूरत के अनुसार तय किए गए टास्क पूरे कर सकेगा। अगर यूजर इसे रोकना चाहे तो इसे बंद करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। साथ ही, ऐप एक्सेस और कामों की अनुमति का पूरा नियंत्रण यूजर के पास रहेगा।