योगी सरकार ने लाखों महिला आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वहीं, सहायिकाओं को अब 4 हजार रुपये के बजाय 6 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की तैयारी है।
राज्य सरकार बढ़ाएगी अपनी हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की घोषणा की थी। इसी घोषणा के तहत विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक, प्रस्ताव पर वित्त, कार्मिक और न्याय विभाग के स्तर पर सहमति भी मिल चुकी है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 8 हजार रुपये हर महीने मिलते हैं। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 4,500 रुपये और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 3,500 रुपये है। प्रस्ताव के तहत राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5,500 रुपये करेगी। इससे कुल मानदेय 12 हजार रुपये हो जाएगा।इसी तरह सहायिकाओं के मानदेय में भी राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी 2 हजार रुपये बढ़ाने की तैयारी में है। इसके बाद उन्हें कुल 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
खजाने पर पड़ेगा 3 हजार करोड़ से ज्यादा का भार
मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोतरी से प्रदेश सरकार के खजाने पर सालाना 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि बढ़े हुए मानदेय का अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।
चुनावी साल में महिला वर्ग पर फोकस
सरकार के इस संभावित फैसले को आर्थिक राहत के साथ-साथ चुनावी साल में महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का नेटवर्क गांवों से लेकर शहरों के मोहल्लों तक फैला हुआ है।
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