बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने वाले क्रिएटर्स के लिए नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार की ओर से एम्पैनल किए गए क्रिएटर्स को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर उनके कंटेंट के व्यूज के आधार पर भुगतान किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के मुताबिक, सरकारी योजनाओं से जुड़े कंटेंट पर 1 लाख व्यूज के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है। इसी दर के आधार पर 10 लाख व्यूज वाले कंटेंट के लिए अधिकतम भुगतान 1 लाख रुपये तक हो सकता है।
हर वायरल पोस्ट पर नहीं मिलेगा पैसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ किसी वीडियो या पोस्ट के वायरल होने से भुगतान का अधिकार नहीं मिल जाएगा। इसके लिए क्रिएटर को सरकार की ओर से तय पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करना होगा। कंटेंट किस प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित हुआ है, उसकी गुणवत्ता क्या है और उसे मिले व्यूज का आधिकारिक सत्यापन हुआ है या नहीं, इन सभी पहलुओं को भुगतान तय करते समय देखा जाएगा। अंतिम राशि सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर तय की जाएगी।
क्रिएटर्स को कराना होगा एम्पैनलमेंट
इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्तिगत सोशल मीडिया क्रिएटर्स के साथ-साथ पंजीकृत कंपनियों को भी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एम्पैनल यानी सूचीबद्ध होना जरूरी होगा। विभागीय अनुमति या एम्पैनलमेंट के बिना बनाए गए सामान्य सोशल मीडिया कंटेंट पर इस भुगतान व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए इच्छुक क्रिएटर्स को सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी। सोशल मीडिया नीति के अलावा सड़क कनेक्टिविटी, सिंचाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
AI और दूसरे क्षेत्रों पर भी सरकार का फोकस
कैबिनेट के अन्य फैसलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सिंचाई और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि सरकार डिजिटल तकनीक के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों पर भी समान रूप से जोर दे रही है।
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