उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने सावन के दौरान होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेशवासियों के नाम संदेश दिया है। उन्होंने कांवड़ यात्रा को केवल पूजा-पाठ या धार्मिक परंपरा तक सीमित न मानते हुए इसे समाज, संस्कृति और अनुशासन से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह यात्रा हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्तों को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ती है और लोगों में एकता की भावना मजबूत करती है।
CM योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की पहचान उनके पहनावे या क्षेत्र से नहीं, बल्कि शिवभक्ति से होती है। कंधे पर कांवड़ लेकर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता भले अलग-अलग हो, लेकिन उनकी मंजिल एक ही होती है – भगवान शिव का जलाभिषेक। इस दौरान जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति जैसे अंतर पीछे छूट जाते हैं। यही वजह है कि कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता का उदाहरण माना जा सकता है।
सेवा, अनुशासन और संयम पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में सेवा और अनुशासन के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी आस्था और हौसला प्रेरणा देता है। उनके मुताबिक, तप इंसान के चरित्र को मजबूत करता है जबकि सेवा और एकजुटता समाज को बेहतर बनाने में मदद करती है।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए इंतजाम
CM योगी ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की ओर से सफाई, पेयजल, चिकित्सा, यातायात प्रबंधन और निगरानी जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए भी कई स्थानों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
पर्यावरण और यातायात को लेकर अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि कांवड़ यात्रा को सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ें। उन्होंने पर्यावरण के प्रति सजग रहने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि रास्ते में एंबुलेंस या स्कूल वाहन दिखाई दे तो उसे पहले रास्ता देना चाहिए। उनके अनुसार, श्रद्धा के साथ अनुशासन, संयम और सेवा की भावना ही कांवड़ यात्रा की वास्तविक भावना है।
Cipla License: सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की पुणे स्थित Carry and Forwarding (C&F) यूनिट पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की...