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क्या LPG से सस्ता होगा एथेनॉल चूल्हा? जानिए किस तकनीक पर करता है काम, 1 घंटे चलाने का कितना आएगा खर्च

Ethanol Stove: देश में वाहनों के बाद अब एथेनॉल का उपयोग रसोई तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है। सरकार LPG के ऑप्शन के रूप में एथेनॉल को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पर काम कर रही है। इस प्रस्तावित नीति में एथेनॉल चूल्हों को प्रोत्साहन देने समेत कई अहम प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में एथेनॉल चूल्हे आम घरों का हिस्सा बन सकते हैं और खाना पकाने का किफायती ऑप्शन साबित हो सकते हैं।

क्या है एथेनॉल चूल्हा और कैसे करता है काम?

जैसा कि इसके नाम से साफ है, एथेनॉल चूल्हा आंच पैदा करने के लिए एथेनॉल ईंधन का उपयोग करता है। इसमें लिक्विड और जेल, दोनों रूपों में उपलब्ध एथेनॉल फ्यूल इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी कार्यप्रणाली पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के तेल के चूल्हे जैसी होती है। इसमें एक खास टैंक होता है, जिसमें ईंधन भरा जाता है और नॉब की मदद से इसे ऑन या ऑफ किया जाता है। चालू होने के बाद यह एलपीजी चूल्हे की तरह साफ और सुरक्षित तरीके से खाना पकाता है।

धुआं और गंध से मिलेगी राहत

एथेनॉल चूल्हे की खास बात यह है कि इसमें एलपीजी की तरह धुआं नहीं निकलता। इसके इस्तेमाल से खाना पकाने वाले बर्तन काले नहीं होते और न ही किसी तरह की गंध आती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी पहले कह चुके हैं कि एथेनॉल स्टोव आने वाला है, जिसमें पानी में 7% एथेनॉल मिलाकर एलपीजी की तरह खाना पकाया जा सकता है।

1 घंटे चलाने का कितना आएगा खर्च?

एथेनॉल चूल्हे की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत मानी जा रही है। कच्चे माल के आधार पर एथेनॉल की कीमत लगभग 60 से 70 रुपये प्रति लीटर बताई जाती है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक लीटर एथेनॉल ईंधन से चूल्हा करीब 15 घंटे तक चल सकता है। इस हिसाब से 60 से 70 रुपये खर्च कर 15 घंटे तक खाना पकाया जा सकता है। यानी प्रति घंटे इसका खर्च लगभग 4 से 5 रुपये के बीच बैठता है, जो इसे एलपीजी की तुलना में अधिक किफायती विकल्प बना सकता है।

तेजी से खाना पकाने में भी मददगार

एथेनॉल को जलाने पर इसका तापमान लगभग 700 से 800 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अधिक तापमान मिलने की वजह से खाना जल्दी पकता है। यही कारण है कि इसे तेज और प्रभावी ईंधन के रूप में भी देखा जा रहा है।

पर्यावरण के लिए भी बेहतर ऑप्शन

एथेनॉल को जेल फॉर्म में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे इसके लीक होने का खतरा काफी कम हो जाता है। इसे पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है क्योंकि इसके उपयोग से प्रदूषण नहीं होता। यही वजह है कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा और किफायती ईंधन के ऑप्शन के रूप में एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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