जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा(Former Japanese PM) इन दिनों अपने बेहद साधारण अंदाज की वजह से चर्चा में हैं। 18 सितंबर की सुबह उन्हें चिबा प्रांत के मिनामी-फुनाबाशी रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों को खुद राजनीतिक पर्चे बांटते देखा गया। नोडा सुबह करीब 6:30 बजे से 8:30 बजे तक स्टेशन के पास मौजूद रहे और आने-जाने वाले लोगों से सीधे संपर्क करते नजर आए। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में भी उस दिन मिनामी-फुनाबाशी में इसी समय पर्चे बांटने का उल्लेख है। नोडा जिन पर्चों को लोगों तक पहुंचा रहे थे, उनमें स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़ी जानकारी थी।
इनमें आपदा बीमा, बच्चों से जुड़ी सहायता और स्थानीय प्रशासन में सुधार जैसे विषय शामिल थे। वह राह चलते लोगों की ओर पर्चा बढ़ाते और यात्री अपनी इच्छा के अनुसार उसे लेकर आगे निकल जाते। इस दौरान कुछ लोगों ने नोडा को पहचान लिया। ऐसे यात्रियों ने उन्हें अभिवादन किया और उनके हाथ से पर्चे भी लिए। वहीं, कई लोग ऐसे भी रहे जो यह जाने बिना आगे बढ़ गए कि पर्चा देने वाला व्यक्ति कभी जापान का प्रधानमंत्री रह चुका है। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए।
चार दशक से करते हैं यही काम
नोडा का स्टेशन पर जाकर लोगों से सीधे मिलना कोई नई बात नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 1986 में रेलवे स्टेशनों के बाहर लोगों से बातचीत करने और पर्चे बांटने की शुरुआत की थी। उस समय वह राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे नहीं थे। समय के साथ वह जापान की राजनीति में आगे बढ़े और 2011 से 2012 तक प्रधानमंत्री भी रहे।
लोगों से करते हैं सीधा संपर्क
इसके बावजूद आम लोगों के बीच जाकर सीधे संवाद करने की उनकी यह शैली जारी रही। आज भी उनके आधिकारिक कार्यक्रम में अलग-अलग स्टेशनों पर सुबह के समय पर्चे बांटने की गतिविधियां दर्ज हैं। नोडा का यह तरीका जापानी राजनीति के उस पहलू को दिखाता है जिसमें नेता सीधे मतदाताओं के बीच जाकर उनसे संपर्क बनाए रखने की कोशिश करते हैं।