दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर महिला से छेड़छाड़ के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज किया है। नई दिल्ली के एडिशनल DCP मंजीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा CCTV फुटेज असली नहीं है, बल्कि AI टूल्स की मदद से तैयार और एडिट किया गया है। पुलिस ने वीडियो वायरल करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।
‘न्यूज आईना’ इंस्टाग्राम अकाउंट से हुआ था अपलोड
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को महिला के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो ‘न्यूज आईना’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया था। एडिशनल डीसीपी मंजीत ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने अकाउंट संचालक की पहचान नदीम के तौर पर की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में नदीम ने वीडियो को AI टूल्स से तैयार और एडिट किए जाने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने कहा- छवि खराब करने के लिए बनाया वीडियो
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वीडियो तैयार करने का मकसद दिल्ली पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाना और लोगों के बीच अशांति पैदा करना था। पुलिस ने यह भी कहा कि वायरल फुटेज को CCTV वीडियो के तौर पर पेश किया गया, जबकि जांच में इसे वास्तविक CCTV रिकॉर्डिंग नहीं पाया गया। मामले में पुलिस डिजिटल सामग्री और वीडियो तैयार करने के तरीके से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
BNS की कई धाराओं में FIR
पुलिस के अनुसार, आरोपी नदीम अहमद के खिलाफ BNS की कई धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसमें धारा 353 के तहत झूठी खबर फैलाकर लोक शांति या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने से जुड़ा आरोप शामिल है। इसके अलावा BNS की धारा 352 के तहत शांति भंग के लिए उकसाने वाली गतिविधि और धारा 336 के तहत जालसाजी से संबंधित प्रावधान लगाया गया है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य धाराओं को भी जोड़ा जा सकता है।
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