Iran-US War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब और ज्यादा गंभीर होती जा रही है। अमेरिकी सेना ने सोमवार रात लगातार 10वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। वहीं, इस जंग में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। वीकेंड के दौरान हुए हमलों में सैनिकों के मारे जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा बदला लेने की कसम खाई है।
5 घंटे तक चला सैन्य अभियान
अमेरिकी मध्य कमान (U।S। Central Command – CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिकी सेना के अनुसार, सोमवार रात शुरू हुआ सैन्य अभियान करीब पांच घंटे तक चला। इस दौरान ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
Today at 4 p.m. ET, U.S. forces began a new round of strikes against Iran at the Commander in Chief's direction. The strikes are designed to further degrade Iranian military capabilities used to attack commercial shipping in the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 20, 2026
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेना के मुताबिक, हवाई हमलों में ईरान के सैन्य कमान केंद्रों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों, समुद्री सैन्य क्षमताओं और एयर डिफेंस सिस्टम पर सीधे हमले किए गए। वाशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना और उसे बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाना है।
17 US सैनिकों की मौत के बाद ट्रंप का रिएक्शन
हाल ही में वीकेंड के दौरान हुए हमलों के बाद अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। युद्ध की शुरुआत से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही। बीते हफ्ते भी ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ने पर ईरान के प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
कैसे शुरू हुआ संघर्ष?
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर साथ में मिलकर बड़ा हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है और संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
दुनिया पर क्या पड़ रहा है असर?
इस जंग के दौरान ईरान पर हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों और लेबनान में हुए इजराइली हमलों में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, इस जंग का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। इससे दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों और ऊर्जा सप्लाई को लेकर टेंशन बढ़ गई है।
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