Eastern Peripheral Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार देर रात बड़ागांव टोल के पास राजस्थान के बांगड़ धाम से दर्शन कर बदायूं लौट रहे 32 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलट गया। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य घायलों ने मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ दर्दनाक हादसा
हादसा रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे बड़ागांव टोल के पास हुआ। पिकअप में कुल 32 श्रद्धालु सवार थे और सभी राजस्थान के बांगड़ धाम से दर्शन कर अपने घर बदायूं लौट रहे थे। कैंटर की तेज टक्कर लगते ही पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराया और पलट गया। हादसा इतना भयानक था कि कई श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए।
राहगीरों ने पुलिस की मदद से निकाले घायल
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस की मदद से वाहन में फंसे और उसके नीचे दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
मेरठ में सात और घायलों ने तोड़ा दम
सभी घायलों को तत्काल सीएचसी खेकड़ा और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत वाले श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए मेरठ और दिल्ली रेफर किया गया। मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान सात और घायल श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, 12 घायलों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
डीएम और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
हादसे की खबर के बाद बागपत से लेकर मेरठ तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। अधिकारियों ने चिकित्सकों को घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के पहुंचने से अस्पताल में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों और घायलों के परिजन बागपत और मेरठ पहुंच चुके हैं। अपनों को खोने के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
एक छोटी पिकअप में सवार थे 32 लोग
हादसे की जांच में यह भी सामने आया है कि श्रद्धालु जिस छोटे पिकअप में सफर कर रहे थे, उसमें 32 लोग सवार थे। बताया गया कि वाहन में जुगाड़ के जरिए ऊपर-नीचे बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। यात्रियों को ले जाने के लिए निर्धारित नहीं होने के बावजूद इतने अधिक लोगों को इस वाहन में बैठाकर लंबी दूरी की यात्रा कराई जा रही थी। हादसे ने सड़क पर नियमों की अनदेखी और ओवरलोडिंग की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है।
बागपत में इन श्रद्धालुओं की मौत की हुई पुष्टि
हादसे में मृतकों में 7 वर्षीय जितेंद्र पुत्र नैनपाल, प्रेमसिंह पुत्र मुंशी (45 वर्ष), साधु पुत्र मुंशी (50 वर्ष), रामेश्वर (75 वर्ष), सुगड सिंह पुत्र नेत्रपाल (32 वर्ष) और मुन्नी पत्नी साधु (45 वर्ष) की मौत की पुष्टि हुई है।
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