मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर बीजेपी ने पलटवार किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी खुद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने राजनीतिक इतिहास को नजरअंदाज करती है। पीयूष गोयल ने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और पार्टी का टिकट तक दिया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले अपनी पार्टी के पुराने फैसलों पर भी नजर डालनी चाहिए।
टीएन शेषन से लेकर एमएस गिल तक के उदाहरण दिए
पीयूष गोयल ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस उनकी ईमानदारी की तारीफ करती थी, लेकिन 1999 में उन्हें लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का अवसर दिया गया। गोयल ने सवाल उठाया कि क्या इसे किसी अधिकारी को राजनीतिक रूप से पुरस्कृत करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। बीजेपी नेता ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि गिल 1996 से 2001 तक इस पद पर रहे। गोयल के मुताबिक, वर्ष 2000 में उन्हें पद्म विभूषण दिया गया और सेवानिवृत्ति के बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए। वर्ष 2004 में वह राज्यसभा पहुंचे और 2008 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए।
पीयूष गोयल ने इन घटनाओं का हवाला देकर कांग्रेस पर चुनाव आयोग के पद और अधिकारियों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। ये आरोप बीजेपी नेता की ओर से लगाए गए हैं।
टीकाराम मीणा और रतन यू केलकर को लेकर भी उठाए सवाल
पीयूष गोयल ने टीकाराम मीणा का भी उल्लेख किया, जो केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पद पर रहने के करीब एक साल बाद मीणा को राजस्थान में कांग्रेस की घोषणापत्र टीम में शामिल किया गया। पीयूष गोयल ने केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर का जिक्र करते हुए कहा कि मई 2026 में वह इस पद पर थे और चुनाव के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने उन्हें अपना मुख्य सचिव घोषित कर दिया। बीजेपी नेता ने इसे राजनीतिक लाभ पहुंचाने और अधिकारियों को पद देने की व्यवस्था से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
राहुल गांधी की चाय बैठक से पहले बीजेपी का हमला
बीजेपी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीति पर विचार किए जाने की बात कही गई है। इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्ष के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर याचिका दाखिल की। इस याचिका पर सुनवाई का इंतजार है।
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