Independence Day Delhi Security: स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। राजधानी में 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है। दिल्ली पुलिस और NSG कमांडो ने भी शहर के एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों को परखा है।
कनॉट प्लेस और कालकाजी में मॉक ड्रिल
कालकाजी मंदिर और कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में दिल्ली पुलिस और NSG ने संयुक्त सुरक्षा अभ्यास किया। इस दौरान पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित की गई। मेट्रो गेट, पालिका बाजार और आसपास के इलाकों में भी मॉक ड्रिल की गई। अभ्यास में डॉग स्क्वाड, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें शामिल रहीं। इसका मकसद आतंकी हमले या किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को जांचना था।
हाईटेक सिस्टम से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था में अंडर-व्हीकल सिस्टम, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और बीते साल 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए आतंकी धमाके को देखते हुए पुलिस सुरक्षा को और मजबूत कर रही है।
लाल किले के आसपास 1000 से ज्यादा CCTV
लाल किले के आसपास लगाए गए एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भौतिक तैनाती के अलावा सीसीटीवी, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और चेहरे की पहचान तकनीक से आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी।
पार्किंग में वाहनों की अंडर-स्कैनिंग
लाल किले के पांच पार्किंग क्षेत्रों में अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाया जाएगा। इससे वाहनों के नीचे से विस्फोटक, हथियार या प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच की जाएगी। यह तकनीक कैमरों और स्कैनर की मदद से संभावित खतरे या किसी असामान्य चीज का पता लगाती है।
भीड़ और संदिग्ध वस्तुओं पर भी नजर
भीड़ की संख्या पर नजर रखने के लिए हेडकाउंट कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा 200 से ज्यादा बॉडी वार्न कैमरे भी तैनात किए जाएंगे। लावारिस या संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे, जबकि घुसपैठ का पता लगाने वाले कैमरे प्रतिबंधित क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।
ऊंची इमारतों पर स्नाइपर और निगरानी दल
अधिकारी के मुताबिक, लाल किले के आसपास ऊंची इमारतों की सुरक्षा के लिए स्नाइपर और छतों पर निगरानी दल तैनात रहेंगे। निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नियंत्रण तंत्र के जरिए आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे जवान
कई सुरक्षा अभ्यासों, रात्रि गश्त और बढ़ी हुई पैदल गश्त के साथ संवेदनशील इलाकों में जमीनी स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा रही है। सादे कपड़ों में निगरानी दल भी तैनात किए जा रहे हैं। साइबर इकाइयां इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखेंगी, ताकि शांति भंग करने वाले संभावित ऑनलाइन खतरे और गलत सूचना फैलाने वालों का पता लगाया जा सके।
2 से 16 अगस्त तक हवाई उपकरणों पर रोक
पुलिस आयुक्त ने 2 अगस्त से 16 अगस्त के बीच दिल्ली के आसमान में पैराग्लाइडर, हैंग-ग्लाइडर, यूएवी, ड्रोन, हॉट एयर बैलून और अन्य रिमोट से संचालित विमानों जैसे उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। आशंका है कि असामाजिक तत्व या आतंकवादी संगठन इनका इस्तेमाल पैरा-जंपिंग या हवाई हमले के लिए कर सकते हैं, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा, वीआईपी और अहम प्रतिष्ठानों को खतरा हो सकता है।
बाजारों और मेट्रो स्टेशनों पर पैदल गश्त
पुलिस आयुक्त ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों और दूसरे सार्वजनिक सभा स्थलों पर पैदल गश्त का निर्देश दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत समीक्षा करने को कहा गया है। नागरिकों में विश्वास बढ़ाने और उपद्रवियों को रोकने के लिए अलग-अलग जिलों में औचक निरीक्षण और फ्लैग मार्च की भी योजना बनाई गई है।
35 सेकंड में अपराधी की पहचान करेगा ‘अभिज्ञान’
सुरक्षा व्यवस्था में ‘अभिज्ञान’ एप को अहम डिजिटल हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी मदद से किसी संदिग्ध या अपराधी के फिंगरप्रिंट का मिलान कर महज 35 सेकंड में उसकी पहचान की जा सकेगी। अभी फिंगरप्रिंट जांच के लिए संदिग्ध को फोरेंसिक लैब भेजना पड़ता था, जिसमें कई दिन या हफ्ते लग सकते थे।
मोबाइल से तुरंत होगा फिंगरप्रिंट स्कैन
नई व्यवस्था में पुलिस किसी संदिग्ध को पकड़ने के बाद मौके पर ही मोबाइल ऐप से उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकेगी। यह ऐप एक बड़े राष्ट्रीय डेटाबेस से सीधे जुड़ा होगा और करीब 35 सेकंड में यह जानकारी दे सकेगा कि संबंधित व्यक्ति का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।
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