दिल्ली(Delhi News) के जाफराबाद इलाके के मौजपुर स्थित एक प्ले स्कूल में साढ़े 3 साल के मासूम बच्चे के साथ क्रूरता का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्कूल की डायरेक्टर, प्रिंसिपल, टीचर और आया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सीसीटीवी डीवीआर और फुटेज जब्त कर ली है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआत में स्कूल प्रशासन इस गंभीर मामले को पूरी तरह दबाने की कोशिश कर रहा था।
पीड़ित माता-पिता ने पहले स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का ऑनलाइन एक्सेस नहीं लिया था। जब उन्होंने फुटेज मांगी, तो स्कूल ने साफ इंकार कर दिया। हालांकि, 25 अगस्त को स्कूल ने 1500 रुपये लेकर एक्सेस दे दिया यह सोचकर कि माता-पिता सिर्फ लाइव वीडियो देखेंगे। लेकिन सतर्क मां ने समझदारी दिखाते हुए 16, 17 और 18 अगस्त की पुरानी फुटेज खंगाल डाली जिससे इस खौफनाक जुल्म का पर्दाफाश हो गया। अब परिवार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मासूम की हो रही काउंसलिंग
इस भयानक घटना ने बच्चे की मानसिक स्थिति को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। माता-पिता ने बताया कि उनका बेटा अब सोते-सोते अचानक चीखकर उठ जाता है। उसके मन में स्कूल, बाथरूम और कुर्सी का गहरा डर बैठ गया है।
घर में कुर्सी देखते ही वह उसे लात मारने लगता है। बच्चे की हालत सुधारने के लिए उसे बाल मनोचिकित्सक के पास ले जाया जा रहा है और डॉक्टरों का कहना है कि करीब 8 से 10 काउंसलिंग सत्रों के बाद ही उसकी मानसिक स्थिति में सुधार संभव है।
शिक्षा निदेशालय (DoE) की सख्त कार्रवाई
इस गंभीर घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली इस कमेटी को पॉक्सो एक्ट के नियमों का पालन करते हुए पूरी घटना की गहन जांच करके महज दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और अनुशासनात्मक एक्शन लिया जाएगा।