चित्रकूट में लगातार बारिश(Chitrakoot Flood) से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से 8.70 मीटर ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण पानी अब रिहायशी इलाकों की ओर पहुंच रहा है जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है और दहशत का माहौल बना हुआ है।
800 से ज्यादा दुकानें पानी में डूबीं
मंदाकिनी के तेज बहाव का असर सड़क और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई रास्तों और पुलों पर पानी का दबाव बढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि 800 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गई हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण करीब 100 बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।
SDRF-NDRF ने संभाला मोर्चा
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF और NDRF की टीमें रातभर अभियान चलाती रहीं। प्रशासन के साथ मिलकर राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अब तक करीब 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी है।
डोडा माफी बांध से तेज रिसाव और मिट्टी कटने की स्थिति ने आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने और फंसे लोगों को निकालने की तैयारी भी की गई है।
CM योगी लगातार ले रहे हालात का जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। प्रशासन और राहत-बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
वहीं, बलिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्था का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
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