Delhi Air Pollution: दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अभियान तेज कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली की जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को प्रदूषण के हॉटस्पॉट की मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इन स्थानों के तीन किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों को सुधारात्मक कदम और उन्हें पूरा करने की समयसीमा तय करने को कहा गया है।
AQI डेटा से चिन्हित होंगे प्रदूषण वाले इलाके
अधिकारियों को एक्यूआई निगरानी डेटा के आधार पर समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान करने और प्रदूषण के स्रोतों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन एक्यूआई स्टेशनों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट का मानचित्र तैयार करेंगे। इसके बाद जमीनी स्तर पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तीन किलोमीटर के दायरे में होगी जांच
हर हॉटस्पॉट में प्रदूषण फैलाने वाले अलग-अलग स्रोतों का आकलन किया जाएगा। इसमें सड़क की धूल, यातायात जाम, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण और विध्वंस गतिविधियां, अनधिकृत पार्किंग, खुले या ढके न हुए क्षेत्र तथा बायोमास या कचरा जलाने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। जहां जरूरी होगा, वहां हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण पैदा करने वाली गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
PM10 और PM2.5 वाले क्षेत्रों पर फोकस
अधिकारियों को प्रदूषण के स्रोत के हिसाब से अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसमें सुधारात्मक उपाय, जिम्मेदार एजेंसी और कार्रवाई पूरी करने की समयसीमा स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। पीएम10 और पीएम2.5 का स्तर अधिक रहने वाले इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा। विशेष रूप से भारी यातायात, भारी वाहनों की पार्किंग, ज्यादा सड़क धूल और ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे सड़क के काम
सरकार ने संबंधित एजेंसियों को लंबित सड़क और सिविल कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है। जहां संभव हो, इन कामों को 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें गड्ढों की मरम्मत, ब्राउन एरिया का उपचार और विकास तथा अन्य सड़क एवं सड़क किनारे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सड़क धूल कम करने पर भी जोर
पूरा किए गए निर्माण और सिविल कार्यों का उचित रखरखाव करने को भी कहा गया है, ताकि उनसे दोबारा सड़क धूल न बढ़े। सरकार का जोर ऐसे उपायों पर है, जिनसे सड़कों और उनके आसपास धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
काम रुका तो जारी रहेगा पानी का छिड़काव
कुछ जगहों पर दूसरी परियोजनाओं के कारण जरूरी काम तुरंत पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे मामलों में सड़क की सतह बहाल होने तक पानी का छिड़काव और अन्य धूल दमन उपाय जारी रखने होंगे। सरकार का लक्ष्य प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर समयबद्ध कार्रवाई कर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।
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