उत्तर कोरिया ने रविवार को एक बार फिर पूर्वी समुद्र की ओर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, मिसाइल कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में समुद्र में जाकर गिरी। दक्षिण कोरिया ने भी इस घटना को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के प्रक्षेपण के तौर पर बताया है।
[Emergency alert]
North Korea has launched a suspected ballistic missile. More updates to follow.— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) September 20, 2026
जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर गिरी मिसाइल
जापानी प्रसारक एनएचके के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी। लॉन्च के बाद जापान और दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर कोरिया और अमेरिका समेत उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच तनाव पहले से बना हुआ है।
परमाणु कार्यक्रम पर पीछे हटने से इनकार
मिसाइल लॉन्च से एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन से संबंधित एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के जरिए प्योंगयांग ने संकेत दिया कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। इससे पहले पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त नौसैनिक सैन्य कवायद पर भी आपत्ति जताई थी। यह अभ्यास 29 अगस्त से 10 सितंबर तक गुआम के आसपास आयोजित किया गया था।
किम यो जोंग ने दी थी चेतावनी
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने शुक्रवार को अमेरिकी नेतृत्व में होने वाले सैन्य अभ्यासों की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह की गतिविधियां कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को मजबूत करने की नीति से पीछे नहीं हटेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
उत्तर कोरिया की ओर से लगातार किए जा रहे मिसाइल परीक्षणों को लेकर जापान और दक्षिण कोरिया सतर्क हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार और समुद्री मार्गों पर भी पड़ने की आशंका जताई जाती रही है। हालिया मिसाइल लॉन्च के बाद दोनों देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। प्योंगयांग की परमाणु नीति और लगातार मिसाइल परीक्षणों के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। आगे ऐसी गतिविधियां जारी रहने पर स्थिति और संवेदनशील होने की संभावना जताई जा रही है।
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