उत्तर प्रदेश की बाराबंकी जिला जेल में बंद एक महिला कैदी की स्वास्थ्य जांच के दौरान HIV रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन की पहल पर ICTC फतेहपुर की टीम ने 24 से 27 अगस्त तक जेल में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया था। इस जांच अभियान में HIV के साथ-साथ टीबी, सिफलिस और हेपेटाइटिस B-C की भी जांच की गई, जिसमें चार बंदियों में टीबी और इस महिला बंदी में HIV की पुष्टि हुई।
जून 2026 में देह व्यापार मामले में हुई थी गिरफ्तारी
HIV संक्रमित पाई गई महिला उन चार आरोपियों में शामिल है, जिन्हें नगर कोतवाली पुलिस ने 21 जून 2026 को पैसार इलाके के सिद्धार्थनगर स्थित एक चार मंजिला मकान में छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। कथित देह व्यापार और नशीले पदार्थों के अवैध धंधे में संलिप्त पाए जाने पर पुलिस ने तीन महिलाओं और एक पुरुष को जेल भेजा था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने संक्रमित महिला को इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) स्थित एआरटी (ART) सेंटर से जोड़ दिया है और उसकी काउंसलिंग शुरू कर दी है।
संपर्क में आए लोगों की गोपनीय तलाश शुरू
महिला के देह व्यापार से जुड़े होने के कारण स्वास्थ्य विभाग अब उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान और जांच प्रक्रिया में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेसिंग बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को समय से इलाज दिया जा सके। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल रिपोर्ट पॉजिटिव आने से यह सिद्ध नहीं होता कि संक्रमण जेल परिसर के भीतर ही हुआ है; इसके मूल स्रोत और समय का पता लगाया जाना अभी बाकी है।
साल 2019 में भी जेल में मिले थे 26 मरीज
बाराबंकी जिला जेल में HIV का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2019 में लगाए गए एक हेल्थ कैंप के दौरान 26 कैदियों में HIV संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद से ही प्रदेश की जेलों में टीबी और HIV की नियमित जांच के निर्देश दिए गए थे। बाराबंकी के सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और आगे की स्क्रीनिंग प्रक्रिया जारी रहेगी।
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