एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने ISIS मॉड्यूल को फंडिंग और सीरिया में आतंकी कैंपों के लिए लोगों की भर्ती के मामले में बेंगलुरु में आठ जगहों पर छापेमारी की है। ED के मुताबिक, भारत के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की भर्ती तो की गई, लेकिन भर्ती और सीरिया में दूसरी गतिविधियों के लिए फंड बेंगलुरु की दो संस्थाओं ‘इकरा वेलफेयर ट्रस्ट’ और ‘GFM ट्रस्ट’ के ज़रिए भेजा गया था। इन्हीं संस्थाओं पर छापेमारी की गई है।
युवाओं को ट्रेनिंग के लिए भेजा सीरिया
यह मामला 2021 का है, जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने दुनिया भर में आतंकी गतिविधियों के लिए कमज़ोर वर्गों के युवाओं की भर्ती की संगठित कोशिशों के खिलाफ़ केस दर्ज किया था। भर्ती किए गए युवाओं को ट्रेनिंग के लिए सीरिया भेजा जा रहा था।
जांच के दौरान पता चला कि भर्ती किए गए युवाओं के परिवार वालों को पैसे दिए जाते थे और उनके खर्च भी स्थानीय संस्थाएं उठाती थीं। इसके अलावा, ये संस्थाएं पैसे इकट्ठा करके सीरिया में ISIS को भेजती थीं ताकि वहां आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाए जा सकें।
टेरर फंडिंग में शामिल अलग-अलग संस्थाओं के बारे में पक्की जानकारी मिलने के बाद, NIA ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED को जानकारी दी थी। जिन मुख्य संस्थाओं की पहचान की गई, वे ‘इकरा वेलफेयर ट्रस्ट’ और ‘GFM ट्रस्ट’ थीं, जिनके ज़रिए फंड भेजा जा रहा था। इन संस्थाओं के अलावा, ED उन दानदाताओं की जानकारी भी जुटा रही है जिन्होंने इन दो संस्थाओं और बेंगलुरु में बनी छह अन्य छोटी संस्थाओं के साथ लेन-देन किया था।
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