बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश के पांच जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। चक्रवात के खतरे के बीच चेन्नई में 11 और विजयवाड़ा में 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
आधी रात से सुबह के बीच तट से टकराने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र से विकसित हुआ मुरासु रविवार, एक नवंबर को चक्रवाती तूफान में बदल गया। दो नवंबर को यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। सोमवार तड़के यह लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।
अनुमान है कि चक्रवात दो नवंबर की आधी रात से तीन नवंबर की सुबह के शुरुआती घंटों के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें दो मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा है।
ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
आंध्र प्रदेश के कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और एसपीएसआर नेल्लोर जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। दो और तीन नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश तथा रायलसीमा में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
तेलंगाना में दो से पांच नवंबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, नागरकर्नूल और वनपर्थी समेत कई इलाकों में मौसम का असर दिख सकता है। वहीं, ओडिशा के दक्षिणी जिलों में दो से चार नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान है। तीन और चार नवंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह
तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तट और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तीन नवंबर की दोपहर तक जहाजों और मछली पकड़ने की गतिविधियां रोकने की सलाह दी है। क्षेत्र में लगातार दूसरे चक्रवात का खतरा ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले सप्ताह 28 अक्टूबर को बेहद गंभीर चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया था। शुरुआती आकलन के मुताबिक, उससे करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाना पड़ा, जबकि धान और बागवानी की फसलों, मकानों, सड़कों और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचा। ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में भी भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं।
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