सुप्रीम कोर्ट ने भीड़ नियंत्रण के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। गुरुवार (30 जुलाई) को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का सवाल अलग है, लेकिन इसके इस्तेमाल के लिए तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की समीक्षा की जा सकती है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र को नोटिस जारी किया है।
याचिका में उठाए गए गंभीर सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि दो घायल व्यक्तियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा नियम कुछ परिस्थितियों में पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं। अगर इन नियमों पर आपत्ति है, तो याचिका में संबंधित प्रावधानों को सीधे चुनौती देना जरूरी होगा। अदालत ने कहा कि सिर्फ पैलेट गन पर प्रतिबंध की मांग काफी नहीं है।
मेटल पैलेट के इस्तेमाल पर हुई बहस
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि संबंधित मामले में रबर नहीं बल्कि मेटल पैलेट का इस्तेमाल किया गया था, जिसे रोकने की जरूरत है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विचार करने से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन इसके लिए कानूनी रूप से सही याचिका दायर की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी कहा कि अदालत इस विषय पर प्रोटोकॉल तैयार करने के पहलू पर भी विचार करेगी।
सभी परिस्थितियों पर विचार जरूरी
वृंदा ग्रोवर ने अदालत से कहा कि सरकार निश्चित रूप से छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं करना चाहेगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी भी घटना में सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि कई बार भीड़ में उपद्रवी तत्व भी शामिल हो सकते हैं।
Read More
ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर यूक्रेन ने उठाए सवाल, कहा – एस. जयशंकर से अब तक जवाब नहीं मिला