उत्तर प्रदेश के कानपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने एक सत्तारूढ़ दल के नेता को भी अपना निशाना बना लिया। थाना सेन पश्चिम पारा क्षेत्र स्थित आवास पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नवनियुक्त मंत्री रमेश यादव को बदमाशों ने उनके ही घर में हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया। यह सनसनीखेज घटना रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच अंजाम दी गई, जब बदमाश घर में घुसकर लगभग 12 लाख रुपये कैश, सोने का ब्रेसलेट, चेन और एक कीमती घड़ी लूटकर फरार हो गए। महज 13 दिन पहले ही मंत्री बने रमेश यादव के साथ हुई इस बड़ी वारदात से पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
गनर और निजी सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी पर गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस समय बदमाश घर के अंदर इस लूटपाट को अंजाम दे रहे थे, उस वक्त शासन की तरफ से मिले गनर ठीक सामने वाली बिल्डिंग में मौजूद थे। इसके अलावा, रात के समय बंगले पर तैनात रहने वाले निजी सुरक्षा गार्ड भी उस दौरान कहां थे, यह बड़ा रहस्य बना हुआ है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र चौधरी के अनुसार, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि घटना के वक्त सुरक्षाकर्मी किन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे या उनका क्या रवैया रहा।
पुलिस और पीड़ित पक्ष की चुप्पी, कई टीमों का गठन
वारदात की सूचना मिलते ही जॉइंट पुलिस कमिश्नर सहित तमाम बड़े पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर, अन्य आला अधिकारी और खुद पीड़ित मंत्री रमेश यादव व उनके समर्थक मीडिया के सामने कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। पुलिस ने रात में ही मिली सूचना के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, जल्द खुलासे का दावा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई है ताकि बदमाशों के आने-जाने के रास्तों और उनकी पहचान का सुराग मिल सके। डीसीपी साउथ दीपेंद्र चौधरी ने आश्वस्त किया है कि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और बहुत जल्द इस सनसनीखेज लूटकांड का खुलासा कर सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
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