जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के दावे से अलग जानकारी सामने रखी है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है। पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल अजहर अफगानिस्तान में रहकर अपनी गतिविधियां चला रहा है। अफगानिस्तान ने साथ ही दोहराया कि उसकी धरती का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
FATF समीक्षा से पहले सामने आया बयान
अफगानिस्तान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की आगामी बैठक में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी प्रयासों की समीक्षा होनी है। पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का दबाव रहा है।
पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में कमियों के चलते 2018 से 2022 के बीच FATF की ग्रे लिस्ट में रखा गया था। ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए उसे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई और उनकी फंडिंग रोकने सहित कई कदम उठाने पड़े थे। इनमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उनसे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध और उनके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल थी।
मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान पर बना दबाव
2022 में पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया, हालांकि मनी लॉन्ड्रिंग पर एशिया/पैसिफिक ग्रुप (APG) के जरिए उसकी प्रगति की निगरानी जारी रखने की व्यवस्था रही। FATF के संदर्भ में APG जिन मुद्दों पर पाकिस्तान के प्रयासों का आकलन कर रहा था, उनमें मसूद अजहर की गिरफ्तारी को लेकर उठाए गए कदम भी शामिल थे।
इस बीच अफगानिस्तान का यह कहना कि अजहर उसकी जमीन पर मौजूद नहीं है, पाकिस्तान के उस दावे पर सवाल खड़े करता है जिसमें वह आतंकी सरगना के अफगानिस्तान में छिपे होने की बात कहता रहा है। हालांकि, मसूद अजहर के मौजूदा ठिकाने को लेकर अफगानिस्तान के बयान के अलावा कोई अन्य जानकारी सामने नहीं आई है।
भारत के कई आतंकी मामलों में वांटेड है अजहर
मसूद अजहर भारत में लंबे समय से वांटेड आतंकियों में शामिल है। भारत उस पर कई बड़े आतंकी हमलों में भूमिका का आरोप लगाता रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2008 के मुंबई आतंकी हमले, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा आतंकी हमला शामिल हैं।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। अब अफगानिस्तान के ताजा बयान के बाद उसके ठिकाने और पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
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