Chinese Hackers: अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने चीन से जुड़े हैकर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे साइबर टूल जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिका समेत कई देशों के कंप्यूटर नेटवर्क में सेंध लगाने के लिए किया जा रहा था। इन टूल्स के नाम Microscan और FishHub हैं। FBI और अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने गुरुवार को बताया कि दोनों टूल चीन से जुड़े Flax Typhoon हैकिंग ग्रुप से संबंधित हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस समूह के संबंध चीन सरकार से हैं।
बिजली कंपनियों और एयरपोर्ट पर निशाना
इन टूल्स के जरिए बिजली कंपनियों, एयरपोर्ट, यूनिवर्सिटी और जरूरी सेवाएं देने वाली कंपनियों के नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा था। जांच के मुताबिक, हैकर्स इनका इस्तेमाल अलग-अलग देशों के अहम डिजिटल ढांचे में घुसपैठ के लिए कर रहे थे।
Microscan से ऐसे खोजते थे नेटवर्क की कमजोरी
Microscan एक ऐसा साइबर टूल है, जिसकी मदद से हैकर्स कंप्यूटर नेटवर्क की जांच करते थे। इसका इस्तेमाल नेटवर्क में मौजूद कमजोरियों को तलाशने और हमला करने के लिए उपयुक्त सिस्टम चुनने में किया जाता था। जांच में सामने आया कि इस टूल से अमेरिका की एक बिजली कंपनी और जापान-पोलैंड के एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा ताइवान की एक यूनिवर्सिटी, जरूरी सेवाओं से जुड़ी कंपनियां और एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन भी इसके निशाने पर थे।
FishHub से ऑनलाइन जाल बिछाते थे हैकर्स
का इस्तेमाल फिशिंग हमलों के लिए किया जाता था। फिशिंग में लोगों को धोखे में लेकर उनके कंप्यूटर या नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की जाती है। FBI के मुताबिक, इस टूल की मदद से हैकर्स दूसरे लोगों के कंप्यूटर नेटवर्क में दूर से प्रवेश कर सकते थे। इसका मतलब था कि हमलावर दूसरे देश में बैठकर भी निशाना बनाए गए नेटवर्क तक पहुंच बनाने में सक्षम थे।
चीन की कंपनी पर FBI का गंभीर आरोप
FBI के मुताबिक, इन टूल्स को चीन की Integrity Technology Group नाम की साइबर सुरक्षा कंपनी चला रही थी। अमेरिकी जांच एजेंसी का कहना है कि इस कंपनी के चीन सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट हैं। FBI का मानना है कि यही कंपनी Flax Typhoon हैकिंग ग्रुप के पीछे काम कर रही है।
पहले भी 2 लाख से ज्यादा डिवाइस हुए थे निशाने पर
सितंबर 2024 में भी FBI ने Flax Typhoon से जुड़े एक बड़े हैकिंग नेटवर्क को बंद कराया था। उस कार्रवाई के दौरान सामने आया था कि हैकर्स ने 2 लाख से ज्यादा कैमरों, वीडियो रिकॉर्डर और घरों-दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट राउटर में खतरनाक सॉफ्टवेयर डाल दिया था। इन उपकरणों का इस्तेमाल लोगों की निजी और संवेदनशील जानकारी चुराने जैसे साइबर अपराधों के लिए किया जाता था।
FBI अब नेटवर्क और पैसों पर रखेगी नजर
FBI अधिकारी जेसन बिलनोस्की ने इस हैकिंग अभियान को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि एजेंसी हैकर्स के नेटवर्क, पैसे और टूल्स को निशाना बना रही है। FBI ने दोनों टूल्स को बेकार कर दिया है। वहीं, अधिकारी ब्रेट लैली ने कहा कि अब यह निगरानी की जाएगी कि चीनी कंपनी दोबारा अपना हैकिंग नेटवर्क खड़ा करती है या नहीं।
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