Satya Niketan Incident: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 12 लोगों को बचाया गया है। चार लोगों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया, जबकि एक घायल की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। मलबे में किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान जारी है।
बेसमेंट में खुदाई के दौरान खिसका पिलर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुरानी इमारत में निर्माण और रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। यह भवन PG के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था और हादसे के समय अंदर बच्चे भी मौजूद थे।
CM बोलीं- मालिक हो या अधिकारी, किसी को नहीं बख्शेंगे
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना है। उन्होंने साफ किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे बिल्डिंग का मालिक हो या अधिकारी, किसी को नहीं बख्शेंगे। मुख्यमंत्री ने एम्स जाकर घायलों की स्थिति का भी जायजा लिया। दिल्ली मुख्यमंत्री ने बिल्डिंग हादसे की मजिस्ट्रेट से जांच कराने और इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
Chief Minister Smt. Rekha Gupta visited AIIMS Trauma Centre and reviewed treatment and health condition of the students injured in the tragic RK Puram incident.
All the students are under close medical supervision at AIIMS. Chief Minister has instructed the medical team to…
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 6, 2026
NDRF और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटनास्थल पर NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है। बचाव दल की कोशिश है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के दिए आदेश
सत्य निकेतन हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा- मौके का जायजा लेने और शुरुआती जांच के आधार पर, मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट से जांच और बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कानून के सबसे सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Following an on-site review and based on the preliminary assessment, Chief Minister has ordered a Magisterial Inquiry of the incident and FIR against the building owner.
Those found responsible for this grave incident will be held fully accountable and dealt with under the…
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 6, 2026
पुलिस ने हरिराम समेत अन्य के खिलाफ FIR की
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ BNS की धाराओं 105/290/125(a) के तहत FIR नंबर 153/26 दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह बिल्डिंग एक PG थी और ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसकी वजह से बिल्डिंग गिरने का आरोप है। आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।
MCD ने पहले ही खतरनाक घोषित की थी बिल्डिंग
हादसे के बाद MCD की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। सामने आए MCD के आदेश के मुताबिक, सत्य निकेतन स्थित भवन संख्या-13 को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था। निगम ने संपत्ति मालिक/कब्जाधारी को इसे तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया था।
तीन दिन में गिराने का दिया था आदेश
MCD के आदेश में कहा गया था कि भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर और खतरनाक है। इससे भवन में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां आने-जाने वाले लोगों और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों की सुरक्षा को खतरा है। इसी आधार पर दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत भवन को तीन दिनों के भीतर गिराने का आदेश जारी किया गया था।
खुद नहीं गिराने पर MCD को करना था ध्वस्तीकरण
आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्धारित अवधि में संपत्ति को स्वयं ध्वस्त नहीं किया गया तो MCD की ओर से खतरनाक भवन को गिराया जाएगा। साथ ही ध्वस्तीकरण पर आने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से नगर निगम कर के बकाये की तरह वसूल करने की बात कही गई थी।
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