UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र चार दिनों तक चलेगा। सत्र से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बार का सत्र कई मायनों में खास माना जा रहा है। विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है, जबकि सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस होने की संभावना है।
पहली बार पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह सत्र ऐतिहासिक होगा, क्योंकि पहली बार सदन में पूरा ‘वंदे मातरम’ गीत गाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार इस संबंध में अधिसूचना जारी कर चुकी है। सतीश महाना ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति स्वाभाविक है तथा बहस और चर्चा से लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और किसी भी तरह की अभद्रता या अनुचित व्यवहार से बचने की अपील की।
विधानसभा और आसपास हाई अलर्ट
मानसून सत्र को देखते हुए विधानसभा और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, एलआईयू, आरएएफ, पीएसी तथा एटीएस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 3 एडीसीपी, 11 एसीपी, आरआरएफ और पीएसी की छह कंपनियां, एटीएस के स्पेशल कमांडो की तीन टीमें, 18 डीएफएमडी, दो बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड, एक एंटी माइन टीम और चार एंटी सबोटाज चेक टीमें तैनात की गई हैं।
ट्रैफिक डायवर्जन और CCTV से निगरानी
सत्र के दौरान विधानसभा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 13 इंस्पेक्टर, 61 सब इंस्पेक्टर, 191 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल तथा 67 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। वहीं कुल 30 इंस्पेक्टर, 268 सब इंस्पेक्टर, 617 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल और 67 होमगार्ड सुरक्षा और ट्रैफिक ड्यूटी में लगाए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी CCTV कैमरों और विशेष कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार क्यूआरटी टीमें भी तैनात की गई हैं।
पांच किलोमीटर क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के मद्देनजर राजधानी लखनऊ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विधान भवन के चारों ओर पांच किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जहां चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और अन्य समूहों के संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा और पांच किलोमीटर की परिधि में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सरकारी भवनों पर विशेष नजर
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में एटीएस, इंटेलिजेंस यूनिट्स और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। विधान भवन के अलावा लोक भवन, राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और अन्य अहम सरकारी इमारतों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। साथ ही व्यापक जांच, एंटी सबोटाज सर्च अभियान और लगातार निगरानी के जरिए किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी की गई है।
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