सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने कंटेंट मॉडरेशन को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी के मालिक एलन मस्क के मुताबिक, अगर किसी सरकारी विभाग या सरकारी एजेंसी के अनुरोध पर किसी पोस्ट को हटाया जाता है, उसकी पहुंच सीमित की जाती है या किसी अकाउंट पर कार्रवाई होती है, तो X संबंधित यूजर को इसकी जानकारी देगा। अब यूजर के लिए यह समझना आसान होगा कि किसी कंटेंट पर कार्रवाई X की अपनी नीतियों के तहत हुई है या किसी सरकार के कानूनी आदेश अथवा अनुरोध के बाद।
सरकारी एजेंसी और कानूनी आधार की भी मिलेगी जानकारी
नए बदलाव के तहत X यूजर को यह बताने की कोशिश करेगा कि कार्रवाई की मांग किस सरकारी एजेंसी ने की और इसके पीछे कौन सा कानूनी आधार या कारण बताया गया। इससे यदि किसी देश में किसी पोस्ट की पहुंच कम की जाती है या उसे हटाया जाता है, तो यूजर को कार्रवाई की वजह के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
सरकार और फ्री स्पीच के बीच बहस
X का यह कदम ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकारों के निर्देशों का पालन करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने को लेकर दुनियाभर में बहस जारी है। X को भारत, यूरोपीय संघ, तुर्की समेत अलग-अलग देशों के स्थानीय डिजिटल कानूनों का पालन करना पड़ता है। सरकारों की ओर से सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट हटाने या उस पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी मिलते रहे हैं। कंपनी आम तौर पर संबंधित देशों के स्थानीय कानूनों का पालन करती है। ऐसा नहीं करने पर उसे जुर्माने या किसी देश में प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अब यूजर को पता चलेगा कि कार्रवाई किसकी वजह से हुई
इस बदलाव का सबसे अहम पहलू पारदर्शिता से जुड़ा है। पहले किसी देश में कोई पोस्ट ब्लॉक या सीमित किए जाने पर यूजर को हर बार यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती थी कि कार्रवाई सरकारी आदेश के कारण हुई है या X की अपनी मॉडरेशन नीति के तहत। अब X इस अंतर को ज्यादा स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी स्क्रीन से किसी कंटेंट के गायब होने के पीछे प्लेटफॉर्म की नीति है या किसी सरकारी एजेंसी का अनुरोध अथवा कानूनी आदेश।
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