Navratri Vrat 2026: आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ शक्ति स्वरूपों की पूजा करते हैं और मनोकामना पूर्ति के लिए उपवास रखते हैं। व्रत के दौरान कई लोग कठिन नियमों का पालन करते हैं।
सेंधा नमक को लेकर क्यों है असमंजस?
नवरात्रि व्रत रखने वाले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि फलाहार में सेंधा नमक डालना सही है या इससे व्रत टूट सकता है। कई लोग यह भी सोचते हैं कि व्रत की शुद्धता बनाए रखने के लिए किस प्रकार के नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है और इससे व्रत खंडित नहीं माना जाता।
व्रत में किन चीजों का किया जाता है सेवन?
नवरात्रि के उपवास में आमतौर पर अन्न का सेवन नहीं किया जाता। शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए फलाहार लिया जाता है। इसमें ताजे फल, कुट्टू के आटे से बने पकवान, सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन, मेवा, दूध, दही और नारियल की बर्फी जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं। फलाहार तैयार करते समय साधारण नमक के बजाय सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।
सेंधा नमक को क्यों माना जाता है सात्विक?
धार्मिक मान्यताओं में सेंधा नमक को शुद्ध और सात्विक माना जाता है। सामान्य बाजारू नमक की तुलना में इसे प्राकृतिक नमक माना जाता है और व्रत तथा धार्मिक कार्यों में इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। इसी वजह से फलाहार में सेंधा नमक डालने को व्रत के नियमों के अनुकूल माना जाता है।
व्रत में सेंधा नमक इस्तेमाल करने का सही तरीका
फलाहार बनाते समय केवल सेंधा नमक का इस्तेमाल करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि रसोई और बर्तनों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। फलाहार बनाने से पहले रसोई और सभी बर्तनों को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। सेंधा नमक को अलग, साफ और ढके हुए डिब्बे में रखना बेहतर माना जाता है, ताकि उसमें सामान्य नमक या किसी अन्य चीज की मिलावट न हो।
नमक के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
फलाहार तैयार करते समय सामान्य नमक के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कलछी या चम्मच का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा व्रत का भोजन बनाते समय शुद्ध देसी घी या मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। स्रोत के अनुसार, सरसों का तेल और रिफाइंड तेल व्रत में वर्जित माने जाते हैं। इन बातों का ध्यान रखने से फलाहार की सात्विकता और व्रत की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने में मदद मिलती है।
इस तरह नवरात्रि व्रत में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। फलाहार में इसे साधारण नमक के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही भोजन बनाते समय रसोई, बर्तनों और सामग्री की शुद्धता का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है।
Read More:

