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झारखंड के थाने में मदद मांगने आई महिला संग रेप, 48 घंटे तक दबा रहा मामला, एक साथ 15 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Jharkhand Police Station Rape Case: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में महिला से कथित दुष्कर्म के मामले ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने करीब 48 घंटे तक मामले को दबाए रखा। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक साथ 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची थी महिला

घटना 29 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। घरेलू हिंसा या प्रताड़ना से परेशान एक महिला रात करीब 11 बजे मदद और न्याय की उम्मीद में गम्हरिया थाना पहुंची थी। आरोप है कि वहां तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज कुमार लकड़ा ने उसे अपने कमरे में ठहराया और वहीं उसके साथ दुष्कर्म किया।

बैरक के पास हुई वारदात

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस स्थान पर कथित वारदात हुई, उसके ठीक पास पुलिस बैरक था। उस समय वहां 15 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंची। आरोप है कि थाने के अधिकारियों और जवानों ने इस गंभीर अपराध को छिपाए रखा और अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरती।

मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

शनिवार को घटना सार्वजनिक होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जनता और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से विरोध और आक्रोश के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज कुमार लकड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

ओडी अधिकारी और मुंशी भी गिरफ्तार

पुलिस ने घटना के समय ओडी ड्यूटी पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और थाने के मुंशी संतोष राय को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को जेल भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, मुंशी संतोष राय का जमशेदपुर के अलग-अलग थानों में पहले भी विवादित और आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

लापरवाही पर 15 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

घटना की गंभीरता और कथित तौर पर मामले को वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने को लेकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। गम्हरिया थाने से जुड़े कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई थाने में ड्यूटी के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवालों के बीच की गई है।

अब हुआ ये फैसला

घटना के बाद एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने जिले के सभी थानों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यदि किसी महिला शिकायतकर्ता या पीड़िता को किसी वजह से थाने में रोकना जरूरी हो, तो महिला पुलिस पदाधिकारी या महिला कर्मी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। यदि महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं है तो किसी भी परिस्थिति में महिला को थाने में नहीं रोका जाएगा।

महिलाओं की शिकायत पर जोर

एसपी ने 29-30 अक्टूबर की रात का जिक्र करते हुए बताया कि पति द्वारा मारपीट की सूचना मिलने पर गश्ती दल महिला को थाने लेकर आया था। महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति और सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही के कारण यह घटना हुई। नए निर्देशों में महिलाओं से सम्मानजनक व्यवहार करने, उनकी शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखने और मोबाइल नंबर, पता, फोटो जैसी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने को कहा गया है। सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इन नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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