पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भारत ने नराजगी जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध ठहराने की कोशिश है। इससे क्षेत्र की वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अलग-अलग हिस्सा है।
भारत ने चुनावी प्रक्रिया को बताया ‘दिखावटी’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने POJK में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों से जुड़ी खबरों पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न अंग है।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से कराई जा रही यह चुनावी प्रक्रिया केवल अवैध कब्जे को वैध दिखाने का प्रयास है और इसका कोई कानूनी या राजनीतिक महत्व नहीं है।
मानवाधिकार उल्लंघन छिपाने का आरोप
विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह चुनावी प्रक्रिया क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन, आर्थिक शोषण और प्रशासनिक दमन से ध्यान हटाने की कोशिश है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि वहां के लोग आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और दमनकारी नीतियों से परेशान हैं।
भारत-चीन सीमा व्यापार पर भी दी जानकारी
प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन संबंधों पर भी जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त 2025 में दोनों देशों ने लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा के जरिए सीमा व्यापार फिर से शुरू करने पर सहमति बनाई थी। उन्होंने बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 27 और 28 जुलाई को चीन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान और चीन की विदेश मामलों की उप मंत्री हुआ चुनयिंग से मुलाकात की।
सीमा पर शांति और सहयोग बढ़ाने पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर भी सहमति जताई गई। विक्रम मिसरी ने चीन के चीनी जन राजनीतिक परामर्श सम्मेलन की 14वीं राष्ट्रीय समिति के उप महासचिव हांग लियांग और नेशनल एकेडमी, सेंट्रल पार्टी स्कूल के उपाध्यक्ष ली वेंटांग से भी मुलाकात की।
Read More

