Faridabad Gulel Gang: हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘गुलेल गैंग’ के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और घरों की रेकी के लिए गुलेल से कंचे फेंककर अंदर लोगों की मौजूदगी जांचता था। मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों सतबीर और प्रताप के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हथियार और गुलेल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, दो बड़े चाकू और दो गुलेल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी घर में घुसने से पहले यह पता लगाने की कोशिश करते थे कि अंदर कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं। कंचा फेंकने के बाद अगर घर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती थी, तो वे चोरी या डकैती के लिए अंदर जाने की कोशिश करते थे।
सोटई गांव के पास घेराबंदी
पुलिस को 10 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से आया एक गिरोह सोटई गांव के पास आगरा नहर पुल के नजदीक किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को रुकने का इशारा किया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने वहां से बच निकलने की कोशिश की।
पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गिरोह के एक सदस्य ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सतबीर और प्रताप के पैरों में गोली लगी। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके से गिरोह के सभी सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
सातों आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतबीर, सुखलाल, प्रताप, बेताल, धन सिंह, देवधर और हरबीर के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। गिरोह के सदस्य अपराध करने के लिए अपने गृह राज्य से अलग-अलग राज्यों में जाते थे और वारदात के बाद वापस मध्य प्रदेश लौट जाते थे।
प्रताप पर 15 हजार रुपये का इनाम
पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपी प्रताप की गिरफ्तारी पर 15,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रताप के खिलाफ आठ, बेताल के खिलाफ दो और धन सिंह के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। इससे गिरोह के सदस्यों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी पता चलता है।
कई राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल फरीदाबाद तक सीमित नहीं था। आरोपियों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी पहले घरों की रेकी करते और मौका मिलते ही वारदात कर फरार हो जाते थे।
फरीदाबाद की पुरानी वारदातों की जांच
एसीपी (क्राइम) अमन यादव ने कहा, “पूछताछ के दौरान पता चला कि यह गिरोह अंतर-राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. गिरोह के सदस्य घरों की रेकी करने के लिए मध्य प्रदेश से दूसरे राज्यों में जाते थे और मौका मिलने पर लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।”
पुलिस खंगाल रही अपराधों का रिकॉर्ड
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
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