Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में होने वाले 10वें दीपोत्सव को इस बार और भव्य बनाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, दीपोत्सव में पांच देशों के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों को आमंत्रित करने की तैयारी है। इसके अलावा फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाने की कोशिश की जा रही है, हालांकि इन दोनों देशों की भागीदारी अभी तय नहीं हुई है।
12 मंचों पर 2500 कलाकार दिखाएंगे रामकथा
इस बार दीपोत्सव के दौरान कुल 12 मंच तैयार किए जाएंगे। इन मंचों पर भारत और विदेशों से आए करीब 2500 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें छह छोटे, चार मध्यम आकार के और दो बड़े मंच शामिल होंगे। अलग-अलग स्थानों पर मंच तैयार किए जाने से अधिक कलाकारों को प्रस्तुति का अवसर मिलेगा और दर्शक भी विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे।
दक्षिण अफ्रीका की दो टीमें होंगी प्रस्तावित
दीपोत्सव में दक्षिण अफ्रीका से दो टीमों के शामिल होने का प्रस्ताव है। इनके अलावा श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार भी रामलीला की प्रस्तुति दे सकते हैं। वहीं फिलीपींस और रूस के कलाकारों को शामिल करने के लिए बातचीत चल रही है। इन दोनों देशों की भागीदारी पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अलग-अलग देशों में अलग अंदाज में सुनाई जाती है रामकथा
राम की कहानी एक है, लेकिन अलग-अलग देशों में उसे प्रस्तुत करने का तरीका और परंपराएं अलग हैं। थाईलैंड में रामकथा को ‘रामाकियन’ के नाम से जाना जाता है। वहां पारंपरिक खोन नृत्य-नाट्य शैली के जरिए रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। नेपाल में भी रामायण की गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा रही है।
पहनावे, संगीत और नृत्य में दिखेगी विविधता
श्रीलंका, लाओस और दक्षिण अफ्रीका में भी रामकथा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं। ऐसे में जब इन देशों के कलाकार अयोध्या के मंच पर रामलीला प्रस्तुत करेंगे तो दर्शकों को एक ही कथा के अलग-अलग सांस्कृतिक रूप देखने का अवसर मिलेगा। कलाकारों के पहनावे, संगीत, नृत्य और अभिनय में संबंधित देशों की परंपराओं की झलक दिखाई देगी।
दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी
अयोध्या का दीपोत्सव हर साल बड़े स्तर पर आयोजित होता है। दीप प्रज्वलन के साथ रामकथा और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन का प्रमुख हिस्सा होते हैं। इस बार विदेशी कलाकारों की भागीदारी के जरिए इसे और व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी है। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों को बुलाने का प्रस्ताव है, जबकि फिलीपींस और रूस को लेकर बातचीत जारी है।
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