North Korea Missile Test: कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर उत्तर कोरिया ने नए हथियार के परीक्षण का ऐलान कर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर बेहद संवेदनशील सीमा क्षेत्र में हुए विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए। दोनों मामलों ने पहले से तनावपूर्ण माहौल को और गंभीर कर दिया है।
किम जोंग उन की निगरानी में हुआ परीक्षण
उत्तर कोरिया ने रविवार को एक नए हथियार का परीक्षण किया। सरकारी मीडिया KCNA के अनुसार, इसे देश की ‘अति-आधुनिक रक्षा तकनीक’ की बड़ी उपलब्धि बताया गया है। परीक्षण के दौरान उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन खुद मौजूद रहे। किम ने दावा किया कि इस हथियार से देश की युद्ध क्षमता में अहम बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन को जल्द ही समझ आ जाएगा कि इस तकनीकी प्रगति का उसके लिए क्या मतलब है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करेगा और दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा करेगा। हालांकि, प्योंगयांग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि परीक्षण में आखिर किस नए हथियार का इस्तेमाल किया गया।
तस्वीरों से मिसाइल को लेकर उठे सवाल
उत्तर कोरिया की ओर से जारी तस्वीरों में किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ एक स्क्रीन देखते नजर आए। स्क्रीन पर उत्तर कोरिया के पूर्वी तट का नक्शा और Hwasongpho-11-ma-1 की उड़ान का रास्ता दिखाई दे रहा था। दक्षिण कोरिया के मुताबिक, रविवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
दो मिसाइलों ने तय की अलग-अलग दूरी
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार, दोनों मिसाइलों को दागे जाने के बीच करीब तीन घंटे का अंतर था। इनमें से एक मिसाइल लगभग 450 किलोमीटर और दूसरी करीब 600 किलोमीटर तक गई। सियोल स्थित उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाली वेबसाइट NK News के मुताबिक, तस्वीरों में दिखाई दे रही मिसाइल पहले से परीक्षण किए जा रहे हाइपरसोनिक हथियार का एडवांस्ड रूप हो सकती है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने आधिकारिक तौर पर इसे हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं बताया है।
हाइपरसोनिक हथियार क्यों मुश्किल होते हैं
हाइपरसोनिक हथियारों की खासियत केवल उनकी तेज रफ्तार नहीं होती। इनमें इस्तेमाल होने वाला ग्लाइड वाहन उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदल सकता है। इससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए ऐसे हथियारों को ट्रैक करना और उन्हें रोकना अधिक मुश्किल हो सकता है। किम जोंग उन लंबे समय से हाइपरसोनिक हथियारों समेत नई सैन्य तकनीकों को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं।
सोमवार को DMZ में हुआ विस्फोट
उत्तर कोरिया के हथियार परीक्षण के बीच सोमवार को दक्षिण कोरिया से भी सीमा पर तनाव बढ़ाने वाली खबर सामने आई। दोनों देशों के बीच बने DMZ यानी असैन्यीकृत क्षेत्र में एक विस्फोट हुआ। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में तीन सैन्य अधिकारी घायल हो गए।
दो सैनिकों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया
घायल तीन अधिकारियों में से दो को हेलीकॉप्टर के जरिए घटनास्थल से निकाला गया। वहीं तीसरे अधिकारी को पहले जमीन के रास्ते ले जाया गया और बाद में हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायल सैनिकों का इलाज सियोल के पास स्थित एक सैन्य अस्पताल में चल रहा है।
विस्फोट की वजह अभी साफ नहीं
विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि क्या धमाका उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई किसी बारूदी सुरंग के कारण हुआ। DMZ दुनिया की सबसे भारी सुरक्षा वाली सीमाओं में शामिल है। करीब 250 किलोमीटर लंबी और 4 किलोमीटर चौड़ी इस पट्टी में बड़ी संख्या में माइंस, कंटीले तार, टैंक रोधी अवरोध और भारी हथियारों से लैस सैनिक तैनात रहते हैं।
सीमा पर बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजाम
हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने अपनी तरफ की सीमा पर बारूदी सुरंगों और दूसरे सुरक्षा अवरोधों की संख्या बढ़ाई है। ऐसे में DMZ में हुई घटना ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
अप्रैल 2025 में भी हुआ था तनाव
अप्रैल 2025 में उत्तर कोरिया के करीब 10 सैनिक सैन्य सीमांकन रेखा पार करके दक्षिण कोरिया की तरफ बढ़ गए थे। सियोल की ओर से चेतावनी प्रसारण और चेतावनी फायरिंग किए जाने के बाद इन सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया था। यह घटना भी दोनों देशों के बीच सैन्य सीमा को लेकर जारी तनाव का एक उदाहरण रही थी।
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