कनाडा में एक बेहद दुखद विमान दुर्घटना में उड़ान प्रशिक्षण ले रहे दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई है। वैंकूवर स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक छात्र तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले थे। दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर मृतकों की पहचान मनोज शिवकुमार और श्रीशरण तिरुज्ञानसंबंधम के रूप में की है। भारतीय मिशन ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए हर संभव वाणिज्य दूतावास सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया है।
The Consulate General of India, Vancouver, expresses its deepest condolences on the tragic demise of Shri Manoj Sivakumar and Shri Srisaran Thirugnanasambantham, two Indian students from Tamil Nadu and Puducherry, who lost their lives in a tragic air accident in Canada during…
— India in Vancouver (@cgivancouver) September 20, 2026
सस्केचेवान के पास क्रैश हुआ विमान
कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा ‘हार्व्स एयर’ द्वारा संचालित एक सेसना 172 (Cessna 172) विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुआ। दोनों भारतीय पायलट लाइसेंस धारक थे और कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक उड़ान के घंटे पूरे करने हेतु रेजिना से स्टाइनबैक की ओर नाइट क्रॉस-कंट्री उड़ान पर निकले थे। शुक्रवार की सुबह सस्केचेवान के किसबी इलाके के पास उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार दोनों भारतीय छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।
देर शाम मिला दुर्घटनाग्रस्त विमान
विमान के तय समय यानी सुबह 10:30 बजे तक अपने गंतव्य पर न पहुंचने के बाद कनाडा के परिवहन सुरक्षा बोर्ड को सतर्क किया गया। इसके बाद संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र (JRCC) ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया। शाम करीब 6 बजे रॉयल कैनेडियन एयरफोर्स के हरक्यूलिस विमान ने दुर्घटनास्थल का पता लगाया और पैराशूट के जरिए बचाव तकनीशियनों को मैदान में उतारा। राहत दल जब तक पहुंचा, तब तक दोनों पायलट दम तोड़ चुके थे, जिसके बाद जांच का जिम्मा स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
फ्लाइट स्कूल में तीसरा बड़ा हादसा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेनिटोबा स्थित ‘हार्व्स एयर’ फ्लाइट स्कूल से जुड़ा पिछले 20 महीनों में यह तीसरा गंभीर हादसा है। इससे पहले जुलाई 2025 में ट्रेनिंग के दौरान दो विमानों की हवा में भिड़ंत से दो छात्र पायलटों की जान चली गई थी, जबकि जनवरी 2025 में विमान के प्रोपेलर की चपेट में आने से एक इंस्ट्रक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया था। लगातार हो रहे हादसों ने कमर्शियल पायलट बनने के लिए किए जाने वाले उड़ान प्रशिक्षण की सुरक्षा और मानकों पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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