Ghaziabad: गाजियाबाद में सीबीआई जांच में शामिल होने दिल्ली जा रहे युवक को ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पीलीभीत के गांव कल्याणपुर निवासी देवेश कुमार के रूप में हुई है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय भारत सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, मामला करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है और आरोपी को डर था कि भारत सीबीआई के सामने उसका नाम बता देगा।
19 सितंबर को दर्ज हुआ केस
मामले में भारत सिंह के पिता ने 19 सितंबर को आरोपी देवेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद रविवार को देवेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि सीबीआई के सामने अपना नाम आने और खुद के फंसने के डर से उसने भारत को ट्रेन से धक्का दिया था।
16 सितंबर की सुबह मिला शव
16 सितंबर की सुबह जीआरपी ने रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना परिजनों को दी थी। भारत सिंह का शव कैला खेड़ा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। इसके बाद उसकी पहचान पीलीभीत निवासी भारत सिंह के रूप में हुई।
15 सितंबर को दिल्ली के लिए निकले थे दोनों
15 सितंबर को देवेश और भारत सीबीआई के दिल्ली ऑफिस में जांच में शामिल होने के लिए निकले थे। पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद में गौशाला के पास ट्रेन पहुंचने पर देवेश ने भारत को ट्रेन से धक्का दे दिया। इसके बाद उसने खुद भारत के भाई को फोन करके बताया कि उसका भाई ट्रेन से गाजियाबाद उतर गया है।
2024 में खाते में आए थे एक करोड़ रुपये
एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि भारत सिंह का बैंक खाता उसके बचपन के दोस्त देवेश कुमार ने खुलवाया था। वर्ष 2024 में इस खाते में फ्रॉड के करीब एक करोड़ रुपये आए थे। इस मामले की जांच पहले दिल्ली पुलिस कर रही थी, जिसे बाद में सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।
9 सितंबर को घर पहुंची थी CBI टीम
9 सितंबर को सीबीआई की टीम भारत सिंह के घर पहुंची थी। भारत ने टीम को बताया कि बैंक खाता खुलवाने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज उसने दो साल पहले अपने दोस्त देवेश कुमार को दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने देवेश से पूछताछ की। देवेश ने बताया कि उसने ये कागजात गांव गोहनिया निवासी हरिओम को दिए थे।
हरिओम के घर भी पहुंची थी टीम
देवेश की जानकारी के बाद सीबीआई की टीम गांव गोहनिया निवासी हरिओम के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद जांच टीम ने भारत और देवेश दोनों को नोटिस जारी किया और उन्हें 16 सितंबर को दिल्ली स्थित सीबीआई ऑफिस में पेश होने के लिए बुलाया था।
सीबीआई के सामने नाम आने का था डर
पुलिस की पूछताछ में देवेश ने बताया कि उसे आशंका थी कि भारत सीबीआई के सामने उसका नाम बता देगा। उसे डर था कि ऐसा होने पर वह खुद भी इस मामले में पकड़ा जाएगा। इसी डर के चलते उसने भारत को ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस अब मामले में हत्या और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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