आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। भीमुनिपटनम मंडल के कृष्णापुरम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में रात को सोते समय कक्षा 9 की 10 छात्राओं की चोटियां काट दी गईं। 16 सितंबर की रात घटी इस घटना का पता 17 सितंबर की सुबह उस वक्त चला जब छात्राओं की नींद खुली। अपने बाल कटे देख छात्राओं में हड़कंप मच गया और पूरे स्कूल परिसर में डर का माहौल कायम हो गया।
जनप्रतिनिधि और पुलिस ने लिया जायजा
घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला गरमा गया, जिसके बाद भीमुनिपटनम के विधायक घंटा श्रीनिवास राव ने स्कूल पहुंचकर छात्राओं और उनके परिजनों से मुलाकात की। वहीं, भीमुनिपटनम इंस्पेक्टर जी. दिवाकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि कोई अज्ञात बाहरी शख्स हॉस्टल में घुसा था, लेकिन पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में किसी बाहरी व्यक्ति के आने के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।
साथी छात्राओं पर गहराया शक
मामले की गहराई से जांच कर रही पुलिस को अब संदेह है कि हॉस्टल की ही किसी साथी छात्रा ने इस घटना को अंजाम दिया हो सकता है। हालांकि, बाल काटने के पीछे का असली मकसद क्या था, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस हॉस्टल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।
स्टाफ को थमाया गया कारण बताओ नोटिस
इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्कूल प्रशासन ने प्रभावित छात्राओं की काउंसलिंग कराई है ताकि उनके मन से डर को निकाला जा सके। वहीं, दूसरी ओर सुरक्षा और निगरानी में हुई भारी चूक को देखते हुए अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात केजीबीवी प्रिंसिपल, दो अध्यापिकाओं और एक महिला नाइट-वॉचमैन को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस थमा दिया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच जारी है।
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