मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है कि यदि यमन पर सैन्य कार्रवाई की गई, तो अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने साफ किया कि हमला होते ही दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘बाब अल-मंदेब’ को अमेरिका के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिससे पश्चिमी देशों में आर्थिक संकट और गरीबी छा जाएगी। लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले इस मार्ग से दुनिया के तेल, गैस और व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
ईरान में सेना और IRGC के लिए सबसे ऊंचा अलर्ट जारी
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को देखते हुए ईरान ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी है। ईरानी प्रशासन ने आईआरजीसी, राष्ट्रीय सेना और तमाम सुरक्षा बलों के लिए देश का उच्चतम सुरक्षा अलर्ट ‘कोड 100’ (CODE-100) लागू कर दिया है। इस बीच, सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। जवाब में ब्रिटिश एयरबेस से अमेरिकी B-1B लांसर बॉम्बर विमानों के उड़ान भरने की खबरों ने इलाके में सैन्य हलचल तेज कर दी है, वहीं तुर्की भी सऊदी अरब के समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है।
10 से अधिक देशों में अमेरिकी दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी
बढ़ते संघर्ष को देखते हुए मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी राजनयिक ठिकाने पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे एयरस्पेस बंद होने, फ्लाइट्स रद्द होने और यात्रा में आने वाली रुकावटों के लिए तैयार रहें। इराक स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
दुनिया भर में अमेरिकी ठिकानों और नागरिकों पर मंडराया खतरा
अमेरिकी विदेश विभाग ने आशंका जताई है कि यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल सकता है। ईरान समर्थित समूह न केवल मध्य-पूर्व में, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में स्थित अमेरिकी दूतावासों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। अधिकारियों ने क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारियों पर लगातार नजर बनाए रखने की हिदायत दी है।
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