CM Rekha Gupta Visit Satya Niketan Accident Site: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज फिर दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में उस जगह पहुंचीं, जहां इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हुई है। उनके साथ मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी घटनास्थल का दौरा किया। दोनों ने अधिकारियों और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एजेंसियों से बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। मौके पर MCD कमिश्नर संजीव खिरवार, भाजपा विधायक अनिल शर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
#WATCH | Delhi: Upon arriving at the site of the building collapse in Delhi's Satya Niketan, Delhi Chief Minister Rekha Gupta is taking stock of the situation.
(Source: CMO) pic.twitter.com/dJA3A8SUJC
— ANI (@ANI) September 7, 2026
आसपास की खतरनाक इमारतें भी गिरेंगी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यह बिल्डिंग के मालिक की लापरवाही की वजह से हुई एक बहुत दुखद घटना है। यह बहुत पुरानी बिल्डिंग थी और बेसमेंट में पानी भरने की वजह से इसके पिलर गिर गए, जिससे पूरी बिल्डिंग ढह गई। इस बिल्डिंग के मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और मालिक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, आसपास की दूसरी खतरनाक बिल्डिंगों की पहचान करके उन्हें भी गिराया जाएगा। खास तौर पर हमने ठीक इसके पीछे वाली बिल्डिंग को खाली करवा लिया है और उसे जल्द गिराया जाएगा।”
#WATCH | Delhi: Satya Niketan building collapse | Delhi Chief Minister Rekha Gupta says, "… The government, in collaboration with the Municipal Corporation, is formulating a policy mandating that any building intended for public use—whether a PG, nursing home, school, or any… pic.twitter.com/Ox4YaS9pLN
— ANI (@ANI) September 7, 2026
पीछे वाली बिल्डिंग बनी NDRF के लिए चुनौती
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “NDRF की टीम लगातार ऑपरेशन में जुटी हुई है। आप देख सकते हैं कि यह स्थिति बहुत संवेदनशील है क्योंकि पीछे दिख रही इमारत भी 40-50 साल पुरानी है। NDRF के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि मलबे को हटाते समय और किसी और के दबे होने की जांच करते समय बगल वाली इमारत को कोई नुकसान न पहुंचे। हालांकि, NDRF एक बहुत काबिल फोर्स है। मैंने जानकारी ली है और NDRF चीफ से बात की है। बगल वाली इमारत को निश्चित रूप से गिराया जाएगा। इसे पहले ही खाली करा लिया गया है और इसे गिराने की योजना है। लेकिन अभी चुनौती यह है कि ढांचा अस्थिर है। हमें अभी मलबे के नीचे की स्थिति का पता नहीं है, इसलिए इसे तुरंत नहीं गिराया जा सकता। अब तक मिली जानकारी से पता चलता है कि यह इमारत 40-50 साल पुरानी थी, लेकिन इसके बेसमेंट में काम करने की कोशिश की गई, जिससे यह हादसा हुआ। मुख्यमंत्री ने कल ही कहा था कि उठाए गए मुद्दों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
#WATCH | Delhi: Satya Niketan building collapse | Delhi Minister Manjinder Singh Sirsa says, "Nothing definitive can be said yet about whether anyone else is there, as we have already accounted for students. You are aware that 12 people were rescued here, and there have been 6… pic.twitter.com/4ZPf4zzjb2
— ANI (@ANI) September 7, 2026
मलबे में किसी अज्ञात मजदूर की आशंका
सिरसा ने कहा, “अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता कि कोई और फंसा है या नहीं, क्योंकि हमने सभी छात्रों का हिसाब लगा लिया है। आपको पता है कि यहां 12 लोगों को बचाया गया और 6 लोगों की मौत हुई है। शक है कि मलबे के अंदर कोई अज्ञात मजदूर हो सकता है, लेकिन जब तक स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता। आरोपियों पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी, मामले भी दर्ज किए जाएंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका के बीच NDRF की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है। बगल की अस्थिर इमारत को गिराने से पहले मलबे के नीचे की स्थिति स्पष्ट करना जरूरी माना जा रहा है, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी अन्य ढांचे को नुकसान न पहुंचे।
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