Rare Total Solar Eclipse 2026 Date And Time: भगवान शिव के प्रिय सावन माह के दौरान इस बार सावन अमावस्या पर साल 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह एक दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। यह ग्रहण कर्क राशि में लगेगा। उस समय कर्क राशि में सूर्य, बुध, चंद्रमा और गुरु की उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग का निर्माण भी होगा। ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है।
12 अगस्त को है सावन अमावस्या
वैदिक पंचांग के अनुसार सावन अमावस्या तिथि 12 अगस्त को सुबह 01:52 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 11:06 बजे तक रहेगी। चूंकि सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है, इसलिए साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को पड़ेगा। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन लगता है और इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण सावन पूर्णिमा पर होगा।
जानिए सूर्य ग्रहण का समय
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा। इसका मोक्ष 13 अगस्त को सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। यह ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण की श्रेणी में माना जा रहा है।
भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा
ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। इस आधार पर इसका सूतक काल 12 अगस्त को सुबह 9 बजकर 4 मिनट से माना जाता। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भले ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं माना जाता। इस ग्रहण का अशुभ प्रभाव मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों पर पड़ने की आशंका जताई गई है। इन राशि के लोगों को 12 अगस्त से अगले छह महीने यानी 12 जनवरी तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किन मामलों में बरतें सावधानी
ज्योतिष के अनुसार इन चार राशियों के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य, करियर, मान-सम्मान, धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान धन हानि, प्रॉपर्टी विवाद, बीमारी, तनाव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह सभी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।
दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों को 12 अगस्त से अगले छह महीने तक भगवान शिव की नियमित पूजा करनी चाहिए। प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का जलाभिषेक करने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि शिव कृपा से ग्रह दोष, संकट और नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है।
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