उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने चार थाना क्षेत्रों के अपार्टमेंट में छापेमारी कर कथित अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पता लगाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यहां सिम बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से साइबर ठगी करने के साथ विदेश में सस्ते फोन कॉल कराने का कारोबार चलाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में उपकरण बरामद किए हैं।
चार अपार्टमेंट में छापेमारी
पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी, पारा, बीबीडी और चिनहट थाना क्षेत्रों में स्थित चार अलग-अलग अपार्टमेंट में छापेमारी की। इनमें सुशांत गोल्फ सिटी का स्वाती अपार्टमेंट, पारा क्षेत्र की आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी का गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट स्थित जीजे पैराडाइज शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने कुल 6 सिम बॉक्स, 21 स्मार्ट स्विच, 3 वीपीएन गेटवे और 192 सिम स्लॉट बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन उपकरणों के जरिए कथित तौर पर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब बरामद तकनीकी उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
सिम बॉक्स के जरिए ठगी और विदेश में कॉल कराने का आरोप
लखनऊ पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का इस्तेमाल सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, सिम बॉक्स के जरिए विदेश में फोन कॉल कराने का अवैध कारोबार भी चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। सिम बॉक्स एक ऐसा उपकरण है, जिसमें कई सिम कार्ड का इस्तेमाल करके कॉल को स्थानीय मोबाइल नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा सकता है। इस तकनीक का दुरुपयोग करके अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय कॉल की तरह दिखाया जा सकता है। इससे दूरसंचार कंपनियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है।
नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस ने छापेमारी में बरामद उपकरणों के आधार पर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करने वाले लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन ठिकानों का संचालन कौन कर रहा था और कथित साइबर ठगी के नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस बरामद उपकरणों की जांच और अन्य तथ्यों के सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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