एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और दिल्ली में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान से जुड़ी दस जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई।
तलाशी का यह ऑपरेशन बुधवार सुबह शुरू हुआ और अभी भी जारी है। इसमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली की जगहें भी शामिल हैं।
मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच
ED की कई टीमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली की पुलिस के साथ मिलकर तलाशी ले रही हैं। जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें आज़म खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी शामिल हैं। आज़म खान ने 2006 में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी, यह रामपुर में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।
ED का लखनऊ ज़ोनल ऑफिस, प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी का ऑपरेशन चला रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के ज़रिए दूसरी जगह लगाने और बाद में उनके इस्तेमाल से जुड़ी है, जिसमें यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के लिए एसेट्स बनाना भी शामिल है।
अधिकारियों ने कहा, “जांच में कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स और ट्रस्ट के बीच फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन का भी पता चला है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फायदा उठाने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स ने फंड को ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की तरफ डायवर्ट किया, जिसमें भारी डोनेशन और कंस्ट्रक्शन का काम शामिल है।” अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी का मकसद अपराध से हुई कमाई, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, डॉक्यूमेंट्स और सरकारी फंड के डायवर्जन और इस्तेमाल से जुड़े डिजिटल सबूतों का पता लगाना है।
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