CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एथलेटिक्स ट्रैक से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 27 साल के भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पुरुषों के 10,000 मीटर मुकाबले में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। ग्लासगो की भीगी हुई, बरसाती रात और कठिन परिस्थितियों के बावजूद गुलवीर ने अपनी सहनशक्ति और आखिरी लैप में शानदार रफ्तार दिखाकर भारत की झोली में ऐतिहासिक पदक डाला।
शुरुआत में मजबूत बनाई पकड़
10,000 मीटर की रोमांचक रेस में गुलवीर सिंह ने शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया। 1000 मीटर और 3000 मीटर तक वह तीसरे स्थान पर मजबूती से बने रहे। हालांकि, रेस के आधे सफर यानी 5000 मीटर तक पहुंचते-पहुंचते प्रतियोगियों के दबाव के कारण वह छठे स्थान पर खिसक गए। इसके बाद 7000 मीटर तक भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा और वह पांचवें स्थान पर रहे। उस समय ऐसा लगने लगा था कि उनका पदक जीतने का सपना अधूरा रह सकता है।
आखिरी लैप में पलट दी पूरी बाजी
रेस के अंतिम 3000 मीटर में गुलवीर सिंह ने अपनी गति बढ़ानी शुरू की। अंतिम लैप की घंटी बजने तक वह चौथे स्थान पर थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार पेसिंग और तेज रफ्तार का प्रदर्शन करते हुए आगे चल रहे दो धावकों को पीछे छोड़ दिया। शानदार कमबैक के दम पर उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया और भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया। उनके इस प्रदर्शन ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को भी रोमांचित कर दिया।
एशियन गेम्स के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भी चमके
गुलवीर सिंह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब राष्ट्रमंडल खेलों में यह उनका पहला पदक है। रेस के दौरान पिछड़ने के बाद जिस तरह उन्होंने वापसी की, उसने न केवल उनके करियर में एक नई उपलब्धि जोड़ दी, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में भी नया अध्याय लिख दिया। ग्लासगो में मिला यह सिल्वर मेडल भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
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