चंडीगढ़(Chandigarh) स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में 26 वर्षीय PHD छात्रा ज्योति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए वाटर वर्क्स विभाग से जुड़े दो अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, SDO (इलेक्ट्रिकल) लखविंदर सिंह धनोआ और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर-2 (अतिरिक्त प्रभार) अनिल ठाकुर को सस्पेंड किया गया है। यह कार्रवाई 29 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
आपको बता दें कि अधिकारियों के सस्पेंड होने के बाद नियमों के अनुसार भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगले आदेश तक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर-2 पद की जिम्मेदारी पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ही संभालेंगे। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया है।
परिवार को मिलेगा मुआवजा
परिवार की बेटी के चले जाने से पूरे घर में मातम का माहौल है ज्योति की मौत की खबर सुनकर परिवार को गहरा झटका लगा था। बारिश से हुए जलभराव के चलते करंट लगने से ज्योति के साथ यह दर्दनाक हादसा हुआ और करंट लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद ज्योति के परिवार ने यूनिवर्सिटी के विरोध में वहां जाकर अपना आक्रोश भी व्यक्त किया था और प्रशासन की व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े किए थे। इन सबके बाद परिवार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच सहमति बनी है जिसमें उनके भाई को नौकरी देने और 23 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला लिया गया है।
करंट लगने से हुई थी मौत
ज्योति हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली थीं और पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रही थीं। मंगलवार को हॉस्टल के पास से गुजरते समय जलभराव वाले क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी।
इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर सवाल उठे जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।