Best CM Survey 2026: फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट के संयुक्त ‘सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री 2026’ सर्वे के नतीजे रविवार को जारी किए गए। सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1000 में से 897 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 881 अंकों के साथ दूसरे और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 874 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
टॉप-10 में कौन-कौन से मुख्यमंत्री
सर्वे की ‘सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री’ श्रेणी में पहले दस स्थानों पर रहने वाले मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया है। योगी आदित्यनाथ पहले, पुष्कर सिंह धामी दूसरे और हिमंत बिस्वा सरमा तीसरे स्थान पर रहे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 856 अंकों के साथ चौथे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 844 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 842 अंकों के साथ छठे, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग 838 अंकों के साथ सातवें, तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी 827 अंकों के साथ आठवें, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 803 अंकों के साथ नौवें और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा 802 अंकों के साथ दसवें स्थान पर रहे।
11 से 15 तक के मुख्यमंत्री ‘पंचरत्न’
सर्वे में कुल 15 मुख्यमंत्रियों को जगह दी गई है। पहले दस स्थान पाने वाले मुख्यमंत्रियों को ‘सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि 11वें से 15वें स्थान तक के पांच मुख्यमंत्रियों को विशेष ‘मुख्यमंत्री पंचरत्न’ श्रेणी में शामिल किया गया है।
इस श्रेणी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 788 अंकों के साथ 11वें, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 768 अंकों के साथ 12वें, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 766 अंकों के साथ 13वें, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 760 अंकों के साथ 14वें और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 746 अंकों के साथ 15वें स्थान पर रहे।
तीन से चार महीने तक चला सर्वे
फेम इंडिया मैगजीन ने एशिया पोस्ट के साथ मिलकर यह सर्वे करीब तीन से चार महीने तक किया। मुख्यमंत्रियों के कामकाज और उनके प्रति लोगों की धारणा को समझने के लिए तीन चरणों में राय जुटाई गई। पहले चरण में सोशल मीडिया और अन्य मीडिया मंचों पर मुख्यमंत्रियों को लेकर आई खबरों, चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया गया।
आम लोगों और विशेषज्ञों की राय भी शामिल
दूसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों के जानकारों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और बुद्धिजीवियों की राय ली गई। तीसरे चरण में आम लोगों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभव और विचार जाने गए। इन तीनों चरणों से मिली जानकारी का विश्लेषण करने के बाद मुख्यमंत्रियों को 10 मानकों पर परखा गया और 1000 अंकों के आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई।
इन 10 मानकों पर हुआ मूल्यांकन
सर्वे में सुशासन, कानून-व्यवस्था, व्यक्तित्व, छवि, कार्यक्षमता, प्रभाव, विभागों की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता और कार्यशैली एवं परिणाम को मूल्यांकन का आधार बनाया गया। सुशासन में प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही, जबकि कानून-व्यवस्था में नागरिकों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को देखा गया। इसके अलावा नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, जनस्वीकृति, सरकारी योजनाओं के परिणाम और भविष्य की योजनाओं को भी आकलन में शामिल किया गया।
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