भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी तबाही लेकर आया। बेहद सुस्त और मामूली गिरावट के साथ शुरुआत करने वाले घरेलू शेयर बाजार में अचानक चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। दोपहर 12 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1000 अंक से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ 71,634 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 350 अंक से ज्यादा का गोता लगाकर 22,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे 22,272 पर कारोबार करने लगा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 72,638 के मुकाबले मामूली फिसलकर खुला था, वहीं निफ्टी ने 22,603 के पिछले बंद के मुकाबले 22,599 पर शुरुआत की थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही दोनों इंडेक्स ताश के पत्तों की तरह ढह गए। अंतरराष्ट्रीय संकेतों की बात करें तो गिफ्ट निफ्टी भी 250 से अधिक अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।
इन चार कारणों ने बिगाड़ा बाजार का मूड
शेयर बाजार में आई इस भयानक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण जिम्मेदार रहे। सबसे पहला और बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया अचानक उछाल है, जहां ब्रेंट क्रूड दो फीसदी से अधिक चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है। दूसरा बड़ा कारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी करना और आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत देना रहा, जिसके तुरंत बाद पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक जैसे बड़े बैंकों ने अपने लोन महंगे कर दिए। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा बीते दिन की गई 6000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों में मचे हड़कंप जापान के निकेई में 1000 अंक, हांगकांग के हैंगसेंग में 350 अंक तथा कोरिया के कोस्पी में 3 फीसदी की गिरावट ने भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
दिग्गज कंपनियों के शेयर धड़ाम
बाजार में आए इस भूचाल में दिग्गज कंपनियों से लेकर मझोली और छोटी कंपनियों के स्टॉक्स भी भारी बिकवाली का शिकार हुए। लार्जकैप कैटेगरी में आईटीसी के शेयर में सबसे ज्यादा 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अडानी पोर्ट्स 3.98 फीसदी, इंडिगो 2.80 फीसदी, पावरग्रिड 2.75 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.70 फीसदी और बीईएल 2.50 फीसदी टूटकर ट्रेड कर रहे थे। मिडकैप वर्ग में पेटीएम 5.50 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में आ गया, वहीं टीआई इंडिया 4.60 फीसदी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम 4 फीसदी, सुजलॉन 3.90 फीसदी, पॉलिसी बाजार 3.36 फीसदी और ग्लेनमार्क 3.20 फीसदी नीचे आ गए। स्मॉलकैप सेगमेंट में भी स्थिति बेहद खराब रही, जहां एजिस लॉजिस्टिक्स 5.20 फीसदी, रेडिंगटन 4.70 फीसदी और उज्जजीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 4.50 फीसदी तक बिखर गए।
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