दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर(Nana Patekar) के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक है। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट को उनकी मौत की वजह बताया।
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से फिल्मों में कदम रखा और आगे चलकर हिंदी व मराठी सिनेमा के बेहद प्रभावशाली कलाकार बने। हालांकि उनकी निजी जिंदगी हमेशा लोगों के लिए दिलचस्पी का विषय रही लेकिन परिवार को उन्होंने ज्यादातर मीडिया की नजरों से दूर रखा।
थिएटर में हुई थी नीलकांति से मुलाकात
नाना की पत्नी नीलकांति पाटेकर खुद भी अभिनय की दुनिया से जुड़ी रही हैं। दोनों की मुलाकात मराठी थिएटर के दौरान हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदली और दोनों ने 1978 में शादी कर ली। उनके दो बेटे हुए लेकिन पहले बेटे का महज ढाई साल की उम्र में निधन हो गया। बाद में उनके दूसरे बेटे मल्हार का जन्म हुआ।
शादी के बाद रहने लगे थे अलग
समय के साथ नाना और नीलकांति के रिश्ते में कुछ मतभेद आए और दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला किया। हालांकि उनका तलाक नहीं हुआ और वे कानूनी रूप से पति-पत्नी बने रहे। नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में भी अपने रिश्ते को लेकर कहा था कि दोनों के बीच अब पहले जैसा साथ नहीं, लेकिन एक-दूसरे के लिए सम्मान जरूर है।
अभिनय के साथ पढ़ाई में भी थीं तेज
पुणे में जन्मीं नीलकांति के पिता केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में कार्यरत थे। नौकरी की वजह से परिवार को कई शहरों में रहना पड़ा। उन्होंने फिजिक्स की पढ़ाई की और IIT की प्रवेश परीक्षा भी पास की, लेकिन विज्ञान की राह चुनने के बजाय थिएटर को अपना करियर बनाया।
नीलकांति ने कम उम्र से ही नाटकों में काम करना शुरू कर दिया था। 1973 में उन्हें महाराष्ट्र राज्य नाट्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का स्वर्ण पदक मिला। बाद में उन्होंने मराठी फिल्मों में भी काम किया और 1989 की ‘आत्मविश्वास’ में उनके अभिनय को महाराष्ट्र सरकार के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
‘छावा’ से फिर मिली पहचान
लंबे समय तक पर्दे से दूर रहने के बाद नीलकांति ने 2025 की फिल्म ‘छावा’ से दोबारा अभिनय की दुनिया में वापसी की। विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना अभिनीत इस फिल्म में उन्होंने धाराऊ की भूमिका निभाई। उनकी वापसी ने एक बार फिर दर्शकों का ध्यान उनकी अभिनय यात्रा की ओर खींचा।