चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं। 23 सितंबर को वॉशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने एयरपोर्ट पर ही उनका स्वागत किया। विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का इस तरह एयरबेस पर व्यक्तिगत स्वागत करना सामान्य औपचारिकता से अलग माना जा रहा है।

11 साल बाद शी जिनपिंग का वॉशिंगटन दौरा
शी जिनपिंग की यह यात्रा 23 से 25 सितंबर तक चलेगी और एक दशक से ज्यादा समय बाद उनकी व्हाइट हाउस यात्रा हो रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर मतभेदों के बीच यह दौरा हो रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी यात्रा को द्विपक्षीय संवाद और मतभेदों के प्रबंधन के लिहाज से अहम बताया है।
आज व्हाइट हाउस में होगा औपचारिक स्वागत
24 सितंबर को ट्रंप और मेलानिया ट्रंप व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के लिए औपचारिक स्टेट अराइवल सेरेमनी आयोजित करेंगे। व्हाइट हाउस के मुताबिक समारोह में अमेरिकी सेना की अलग-अलग इकाइयां हिस्सा लेंगी और कुल 479 सैन्यकर्मी शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में B-2 स्पिरिट और चार F-22 रैप्टर विमानों का फ्लाईओवर भी निर्धारित है।

ट्रेड और AI समेत कई मुद्दे एजेंडे में
ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ईरान से जुड़े घटनाक्रम और दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंध भी बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं।
व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर
शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के सम्मान में 24 सितंबर की शाम व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राजनीति, कारोबार और टेक्नोलॉजी जगत की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
शुक्रवार को नेशनल आर्काइव्स जाएंगे दोनों नेता
25 सितंबर को ट्रंप और मेलानिया ट्रंप, शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के साथ व्हाइट हाउस में चाय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों दंपति वॉशिंगटन स्थित नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक संबंधों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड देखे जाएंगे। इसके साथ ही शी जिनपिंग की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा समाप्त होगी।
चीन के साथ बातचीत को जरूरी बता चुका है अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन के साथ उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया है। उनके मुताबिक अमेरिका और चीन दुनिया की प्रमुख आर्थिक और सैन्य शक्तियां हैं और दोनों देशों के संबंधों का वैश्विक मामलों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच गंभीर मतभेद मौजूद हैं।
शी जिनपिंग का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार और तकनीक से लेकर सुरक्षा और वैश्विक रणनीति तक कई मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा जारी है। ऐसे में दोनों राष्ट्राध्यक्षों की बैठक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।

