महाराष्ट्र(Maharashtra) की महायुति सरकार ने किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए कर्जमाफी योजना का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना का लाभ पात्र किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। इसके तहत राज्य के करीब 32 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के अनुसार किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कर्ज के दबाव के कारण किसी भी किसान को आत्महत्या जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन से योजना को तेजी से और पारदर्शी तरीके से लागू करने को कहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सहकारिता और राजस्व विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस योजना में तीन प्रमुख हिस्से शामिल हैं – कर्जमाफी, एकमुश्त समाधान योजना (OTS) और नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन सहायता। योजना के तहत लगभग 32 लाख किसानों को कर्जमाफी मिलेगी जबकि करीब 24 लाख नियमित कर्ज भुगतान करने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ दिया जाएगा।
आधार सत्यापन के लिए जारी हुई पहली सूची
योजना के पहले चरण में लगभग 16.96 लाख ऋण खातों की सूची आधार प्रमाणीकरण के लिए जारी की गई है। इसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के 7.03 लाख और वाणिज्यिक बैंकों के 9.93 लाख खाते शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार दूसरी सूची भी जल्द जारी की जाएगी।
बैंकों को दिए गए जरूरी निर्देश
कुछ जगहों पर एनपीए खातों की बकाया राशि और योजना पोर्टल पर दर्ज रकम में अंतर सामने आया है। ऐसे मामलों में पोर्टल पर 31 मार्च 2026 तक दर्ज बकाया राशि को मान्य माना जाएगा। सरकार के निर्देशों के बाद बैंकों ने 1 अप्रैल 2026 के बाद के ब्याज की वसूली नहीं करने पर सहमति जताई है।