सावन के पावन महीने के साथ देशभर में कांवड़ यात्रा(Kanwariya) का उत्साह भी बढ़ गया है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु अलग-अलग तरीके से अपनी आस्था व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ऐसी अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है जिसमें एक शिव भक्त अपनी कार को दांतों से खींचते हुए गंगाजल लेकर अपने गांव जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ जिले के छज्जूपुर गांव के रहने वाले नरेंद्र जाट हरिद्वार से 11 लीटर गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। उन्होंने गंगाजल और भगवान शिव की प्रतिमा को कार में रखा है और पूरी यात्रा दांतों से कार खींचते हुए करने का संकल्प लिया है। उनकी यह अनोखी यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
रास्ते में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
नरेंद्र की इस अलग तरह की कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालु उनका स्वागत कर रहे हैं, उन पर पुष्प वर्षा कर रहे हैं और इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर रहे हैं। यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कार पर दिखी शिवभक्ति की झलक
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि नरेंद्र अपनी कार को दांतों से खींचते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कार की नंबर प्लेट पर “महाकाल” लिखा हुआ है जबकि पीछे भगवान शिव की तस्वीर लगी है। कार पर यह भी लिखा गया है कि यह यात्रा हरिद्वार से गांव छज्जूपुर स्थित अंडारे महादेव तक पैदल और दांतों से कार खींचते हुए की जा रही है। नरेंद्र जाट का कहना है कि यह यात्रा भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि इस कांवड़ यात्रा के माध्यम से वह गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, गाय भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उनका मानना है कि यदि समाज गाय के महत्व और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी को समझे तो भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।