उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में आगामी भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी क्रम में डीआईजी सोमेन वर्मा ने चौक बाजार क्षेत्र का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अयोध्या में दो से तीन बड़े आयोजन होने वाले हैं, जिनमें दीपोत्सव सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक कार्यक्रम है। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जुटने की संभावना है। आयोजन की भव्यता और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है।
विभागों के बीच समन्वय और विशेष बलों की तैनाती
डीआईजी के अनुसार, दीपोत्सव के तहत निकलने वाली झांकियों, रिकॉर्ड दीप प्रज्वलन समारोह और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सफलता के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस इन सभी विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए जिले के बाहर से काफी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।
जमीन से लेकर आसमान तक कड़ा पहरा
सुरक्षा को किसी भी तरह की सेंध से बचाने के लिए बहुआयामी सुरक्षा एजेंसियों को मोर्चे पर उतारा गया है। इस भव्य आयोजन में पीएसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के कमांडो, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीपीएमएफ) की टुकड़ियां तैनात की जा रही हैं। इसके साथ ही आसमान से निगरानी के लिए आधुनिक ड्रोन टीमों को भी सक्रिय किया गया है। इस पूरे एकीकृत सुरक्षा मॉडल के जरिए दीपोत्सव को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाएगा।
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