वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज(Premanand ji Maharaj) गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे अपने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उनके आने की सूचना मिलते ही दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। महाराज ने आश्रम में करीब 20 मिनट बिताए और श्रीजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और गुरुजी से आशीर्वाद लिया।
सुबह करीब 6 बजे वह यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। बाद में महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए।
रसिक दुलारी की मौत से उठे कई सवाल
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की पिछले शुक्रवार को आश्रम की इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए। सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर पुलिस को कमरे से निजी अंग का एक टुकड़ा और उसे काटने में इस्तेमाल किया गया कटर मिला था।
घटना से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, जिनमें रसिक दुलारी इमारत से कूदते दिखाई दिए। हालांकि, निजी अंग कटने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस जांच के बीच घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि होना जरूरी है।
विराट कोहली पर दिए बयान से पलटे फलाहारी बाबा
दूसरी ओर, प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम को लेकर बयान देने वाले फलाहारी महाराज ने माफी मांगी है। उन्होंने दावा किया था कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उनके अनुसार, यह रकम राजस्थान की एक निजी कंपनी ने दी थी। इस बयान के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने नाराजगी जताई। संत समाज की एक बैठक में फलाहारी महाराज के सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार का फैसला लिया गया।
उन्हें भविष्य के धार्मिक आयोजनों में आमंत्रित नहीं करने की बात भी कही गई। इसके बाद फलाहारी महाराज ने अपने बयान पर सफाई देते हुए प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।