Poonch Blast: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास जोरदार धमाके में घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। घटना कृष्णा घाटी सेक्टर में जीरो लाइन के करीब नंगी टेकरी इलाके की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी और इसी दौरान वे भारतीय सेना के एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड में बिछी बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए।
लश्कर कमांडर समेत चार आतंकी मारे गए
इस घटना में मारे गए एक आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर मोहम्मद फैजान के तौर पर बताई जा रही है। बाकी तीन आतंकियों के नाम वकास, इश्तियाक और आसिम बताए गए हैं। हालांकि, आतंकियों की पहचान, संख्या और घटना से जुड़े कुछ अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
IED लगाने की कोशिश के दौरान हुआ धमाका
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से करीब साढ़े चार बजे आतंकियों ने LoC पार कर भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। बताया जा रहा है कि भारतीय सीमा के पास वे IED लगाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वे एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड की चपेट में आ गए और माइन ब्लास्ट हो गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भारतीय सेना के मुख्यालय भेजे गए हैं, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पूरे मामले का आकलन कर रहे हैं।
पाकिस्तान के हजिरा इलाके से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हजिरा इलाके के बादरपुर क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। यहां पाकिस्तानी सेना की 66 फ्रंटियर फोर्स की तैनाती की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की मदद या पनाह में आतंकियों द्वारा भारतीय सीमा में IED लगाने की कोशिश की जा रही थी। भारतीय सीमा की ओर घटनास्थल जनरल एरिया कृष्णा घाटी का है।
तस्वीरों में दिखे संदिग्ध
घटना से जुड़ी तस्वीरों में पठानी सूट पहने कुछ संदिग्ध नजर आ रहे हैं। उनके पास पिस्टल होने और जंगल के बीच IED लगाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। चार से छह संदिग्धों की मौजूदगी की जानकारी है, जबकि चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। मामले में लश्कर-ए-तैयबा के एक कमांडर के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
मेंढर में दो पुरानी बारूदी सुरंगें मिलीं
इसी बीच, भारतीय सेना ने सोमवार को मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में सीमा बाड़ के पास दो जंग लगी बारूदी सुरंगें बरामद कीं। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक बनाने के दौरान सुबह 8:25 बजे और दोपहर 12:10 बजे इन विस्फोटक उपकरणों का पता चला। बाद में सेना के विशेषज्ञों ने नियंत्रित विस्फोट कर दोनों सुरंगों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
एक सप्ताह में करीब एक दर्जन माइंस निष्क्रिय
पिछले एक सप्ताह के दौरान सेना ने इस इलाके में करीब एक दर्जन बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया है। घुसपैठ रोकने के अभियान के तहत LoC के अग्रिम इलाकों में ऐसी माइंस बिछाई जाती हैं। हालांकि, भारी बारिश के दौरान कई बार ये सुरंगें अपनी जगह से बहकर बाहर आ जाती हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर खतरा पैदा हो सकता है।
सीमा पर सुरक्षा बल अलर्ट
ब्लास्ट के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे सेक्टर में अलर्ट जारी कर दिया है और घुसपैठ रोकने के लिए LoC पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और सुरक्षाबल सीमा से लेकर अंदरूनी इलाकों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
मूसा को लेकर भी हुआ था बड़ा खुलासा
इससे पहले मारे गए लश्कर कमांडर मूसा को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ था। सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह जंगल में छिपा रहा था और अपने घाव पर शहद लगाता रहा। ऐसे घटनाक्रमों के बीच सुरक्षाबल आतंकियों की गतिविधियों और घुसपैठ की हर कोशिश पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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